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सीएम सिटी दो साल में दिखने लगेगी स्मार्ट

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सीएम सिटी करनाल दो साल में दिखने लगेगी स्मार्ट
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- विकास पर करीब 1295.81 करोड़ रुपये आएगा खर्च
- 200 करोड़ रुपये की राशि जल्द होगी जारी, हरियाणा को केंद्र से मिली बड़ी सौगात
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा को सीएम सिटी करनाल के स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल होने पर बड़ी सौगात मिली है। शुक्रवार को घोषित 30 शहरों की सूची में करनाल 12वें स्थान पर आया, जिससे प्रदेश की चिरलंबित मांग पूरी हो गई। प्रदेश सरकार के अनुसार, सीएम सिटी दो साल में स्मार्ट दिखनी शुरू हो जाएगी।
शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने बताया कि करनाल को स्मार्ट बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अनुदानों के अलावा अन्य संसाधनों से भी वित्तीय सहायता मिलेगी। करनाल के विकास पर करीब 1295.81 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले दाल साल में सिटी की स्मार्टनेस दिखने लगेगी और यहां की सूरत बदलेगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की ओर से करनाल को 200 करोड़ रुपये की राशि तुरंत जारी कर दी जाएगी। इसके लिए करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड इकाई के नाम से एसपीवी (स्पेशल पर्पस व्हीकल) का गठन किया जाएगा, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सरकार के अधिकारी रहेंगे। नगर निगम की मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर भी एडवाइजरी काउंसिल का हिस्सा होंगे।
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जनवरी 2017 में शुरू कर दी थी तैयारियां
तीसरे दौर के लिए नगर निगम करनाल ने जनवरी 2017 से ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी थीं। देश की चुनिंदा एजेंसियों में से एक क्रिसिल (क्रेडिट रेटिंग इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ इंडिया लिमिटेड) को नियुक्त किया गया। इसने करनाल में करीब तीन माह तक कार्य करने के बाद 1295.81 करोड़ रुपये के कुल खर्च वाला स्मार्ट सिटी प्रपोजल (एससीपी) तैयार किया। प्रपोजल के लिए शहर के मुगल कैनाल फेज-2-3, पुरानी सब्जी मंडी व घंटाघर चौक जैसे क्षेत्रों का सर्वे किया गया। सड़कों, फुटपाथ, पार्क, युवाओं के लिए खोले गए जॉब ओरिएंटेड और करियर एन्हांसमेंट केंद्र भी जांचे गए। पिछली प्रस्तावित योजना की खामियों को भी देखा गया और सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद शहर के पार्षदों और आम नागरिकों की राय ली गई। इसके बाद 720 एकड़ का क्षेत्र चिह्नित कर व्यापक प्रपोजल तैयार कर राज्य स्तर पर हाई पावर कमेटी से अनुमोदित कराकर बीते 31 मार्च को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया।

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ये होंगी सुविधाएं
. स्मार्ट सिटी में पानी और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था।
. साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन, परिवहन के बेहतरीन साधन, बेहतर कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस, नागरिकों की सुरक्षा और सुशासन में नागरिकों की भागीदारी।
. ट्रैफिक सुरक्षा और अन्य ढांचागत व आधारभूत आवश्यकताओं की पूर्ति।
. युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर।
. स्मार्ट मोबिलिटी की व्यवस्था।
. पैदल यात्री पथ, स्मार्ट रोड, विवेकपूर्ण यातायात प्रबंधन प्रणाली, ट्रैफिक सिग्नल, पार्किंग, स्मार्ट साइन, सिटी गाइड मैप तथा पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम।
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. स्टार्म वाटर की उचित निकासी, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और ट्रीटमेंट प्लांट से अशुद्ध पानी की री-साइक्लिंग, स्मार्ट शौचालय, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट।
. पार्कों में ओपन एयर जिम व फ्री वाई-फाई, सड़कों व गलियों में एलईडी लाइट और मलिन बस्तियों में व्यापक स्तर पर मूलभूत सुविधाएं।
. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के खर्च में क्षेत्र आधारित विकास के लिए 1061.05 करोड़ रुपये और पैन सिटी सोल्यूशन के लिए 149.99 करोड़ रुपये शामिल।
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