फ्लैग : अमर उजाला की विद्यार्थियों के लिए खास सीरीज, आज मैथ्स के टीचर देवेंद्र सिंह के इन टिप्स को जरूर पढ़ें
मैथ्स में अच्छे नंबर लाने हैं तो टेंशन को कहें टाटा, स्टेप बाय स्टेप लिखें
बोले - मैथ्स में आ सकते हैं फुल मार्क्स, एनसीईआरटी की पुस्तक से करें अभ्यास
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अधिकतर स्टूडेंट्स के दिल और दिमाग में मैथ्स एक बुरे सपने की तरह बना रहता है, जिसकी वजह से वे इम्तिहान में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। मैथ्स के एक्सपर्ट्स की मानें तो अगर हर स्टूडेंट्स सही तकनीक व रणनीति के साथ मैथ्स को पढ़े तो शायद यह सब्जेक्ट उसको सबसे दिलचस्प लगने लगे। मैथ्स एक ऐसा विषय है जिसमें स्टूडेंट सबसे ज्यादा या फुल मार्क्स हासिल कर सकता है। आमतौर पर देखा गया है कि स्टूडेंट्स मैथ्स के पेपर में घबरा जाते हैं जिसके चलते वे सभी प्रश्न सही से हल नहीं कर पाते और समय पर परीक्षा खत्म करने से चूक जाते हैं। समय की कमी के चलते स्टूडेंट्स को कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न छोड़ने पड़ते हैं और अक्सर देखा गया है कि वे प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते थे। अमर उजाला की इस खास सीरीज में आज मैथ्स के टीचर देवेंद्र सिंह द्वारा दिए गए कुछ ऐसे टिप्स पढ़िए जो मैथ्स के पेपर में अच्छे मार्क्स लाने में आपकी मदद कर सकते हैं।
आखिरी दिनों में तैयारी के लिए टिप्स
मैथ्स के सवालों को रटे नहीं : किसी भी प्रश्न को कभी भी रटना नहीं चाहिए। प्रत्येक प्रश्न को हल करने से यह पता चलता है कि कहां गलती हो रही है और उन पर कैसे सुधार कर सकते हैं।
साल 2018 का प्रश्न पत्र हल करें : सीबीएसई 10वीं के मैथ्स की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सबसे जरूरी टिप्स यह है कि वह पिछले साल का प्रश्न पत्र जरूर हल करें, क्योंकि इसे हल करने के बाद उनमें कॉफिडेंस आएगा और वह मानसिक रूप से भी पेपर देने के लिए तैयार होंगे।
टॉपर बच्चों की आंसर शीट देखें, कैसे देने चाहिए उत्तर : बच्चों में यह कन्फ्यूजन होता है कि वह कैसे जवाब लिखें ताकि अच्छे नंबर आएं। इसके लिए सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट पर टॉपर बच्चों की आंसर शीट अपलोड की है, जिसमें वह देख सकते हैं कि कैसे उत्तर लिखना है।
उदाहरण में दिए सवाल जरूर करें : एनसीईआरटी की किताबों में दिए गए उदाहरण को जरूर करें। एक्सपर्ट की माने को अक्सर देखा गया है कि बच्चे चैप्टर से पहले दिए गए उदाहरणों पर ध्यान नहीं देते और पेपर में वहीं या उसके जैसा ही सवाल आ जाता है।
सॉल्यूशन को साफ-सुथरा रखें : स्टूडेंट्स को आंसर शीट के साइड में एक रेखा खींच कर गुणा भाग करना चाहिए। हमेशा अपने सॉल्यूशन को साफ सुथरा रखें। इससे आप सवाल बनाते समय कंफ्यूज नहीं होंगे न ही चेक करते समय टीचर को असुविधा होगी।
फॉर्मूला याद रखना जरूरी : फॉर्मूला याद रखना मैथ्स में सबसे ज्यादा जरूरी है। अगर आपको वह याद नहीं है तो आपका समय भी बर्बाद होगा और आप सवाल हल भी नहीं कर पाएंगे।
खास गुरुमंत्र
- पेपर में प्रश्न कतई न छोड़ें, कुछ न कुछ हल करें, स्टेप मार्किंग से नंबर मिलेंगे।
- सिर्फ एनसीईआरटी की पुस्तक से अभ्यास करें।
- पढ़ाई के लिए टॉपिक बांट लें, जिसमें कठिनाई आ रही है, उस पर फोकस करें।
- निजी प्रकाशकों के क्वेशन बैंक न पढ़ें। इनमें नया पैटर्न पूरी तरह से फॉलो नहीं है।
- उत्तर पुस्तिका में पेज के दायीं ओर लाइन खींच कर कैलकुलेशन करें।
- रैखिक प्रोग्रामन के प्रश्न दिए गए ग्राफ पर ही हल करें।
- फॉर्मूला-प्रमेय पर फोकस करें इससे सवालों की मुश्किलें आसान होंगी।
ऐसा होगा प्रश्न पत्र का पैटर्न
मैथ्स के पेपर में कुल 30 प्रश्न शामिल होंगे। इसे चार वर्गों, जैसे ए, बी, सी और डी में विभाजित किया गया है। सेक्शन-ए में एक एक नंबर में 6 सवाल पूछे जाएंगे। सेक्शन बी में दो दो नंबर के 6 सवाल पूछे जाएंगे। सेक्शन सी में तीन तीन नंबर के 10 सवाल पूछे जाएंगे। और आखिरी सेक्शन में यानी कि सेक्शन डी में चार चार नंबर के 8 सवाल पूछे जाएंगे। स्टूडेंट्स को प्रत्येक प्रश्न के लिए स्टेप बॉय स्टेप जवाब देना होगा क्योंकि प्रत्येक स्टेप के लिए अलग अलग अंक दिए जाएंगे।
साल 2018 के टॉपर से बातचीत(फोटो सहित)
टेंशन न लें, स्टेप बाय स्टेप आंसर लिखें
साल 2018 में 10वीं के मैथ्स में 100 में से 100 नंबर लाने वाले सेक्टर- 41 स्थित अजीत करम सिंह इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के स्टूडेंट सचिन शर्मा का कहना है कि पेपर से पहले ज्यादा टेंशन लेने से काम खराब हो जाता है। स्टेप बाय स्टेप आंसर लिखना चाहिए। एकस्ट्रा कोई बुक न उठाए, सिर्फ एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ना चाहिए। उदाहरण जरूर सॉल्व करें। पिछले साल का पेपर जरूर हल करें क्योंकि उसे हल करने से कॉंफिडेंस आता है और पैटर्न का पता चलता है। बाकी ब्रेक लेकर पढ़े और सबसे बड़ी बात खुद पर भरोसा रखें।