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हिना की खबर का शेष

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हिना बोली! अम्मी...अब्बू लेने आएंगे हमें
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
रिहाई के बाद अटारी बॉर्डर के तरफ जा रही हिना ने जब अपनी अम्मी से पूछा कि क्या हमें अब्बू लेने के लिए आएंगे तो फातिमा ने कहा...बेटा कौन आता है हमें लेने के लिए। हिना यह सुनकर चुप हो गई और उसके कदम बॉर्डर के तरफ बढ़ गए। इसी बीच हिना को रिहा करवाने में बड़ी जिम्मेदारी निभाने वाली एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा व समाज सेवक नवजेत सिंह की आंखें भी नम हो गईं। पिछले छह महीने से हिना की रिहाई को लेकर भारत-पाक के बीच वार्तालाप होती रही है। मामला तब अटक गया जब हिना के परिजनों ने पाक से पैगाम भिजवाया कि हिना व अन्यों की रिहाई के लिए उनके पास पैसे (चार लाख की रकम) नहीं हैं। यह पैगाम मिलने के बाद हिना को पाक पहुंचाने की बीड़ा उठाने वालों ने जुर्माने की रकम भरकर हिना की रिहाई का रास्ता साफ किया।

प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री ने आसान की रिहाई की राह
अमृतसर । हिना की रिहाई दोनों मुल्कों में कैद सजा काट चुके कैदियों की तरह हो सकती थी, लेकिन हिना के मामले में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गहरी दिलचस्पी दिखाई। हिना को पाक भेजने के लिए सारे प्रबंध किए। यही वजह है कि हिना पहली बार भारत-पाक के बीच कैदियों की रिहाई के दौरान केवल गेट पास से पाक जाने की मंजूरी पाकिस्तान ने दी।
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हिना को तोहफे में मिला सोने का लॉकेट :
रिहाई के वक्त हिना को सोने का लॉकेट दिया गया, जिसमें एक तरफ भारत तो दूसरी तरफ पाकिस्तान का झंडा अंकित है। लॉकेट व अन्य उपहार लेते समय हिना के आंखों में आंसू थे, वहीं उसे पाक लौटने की खुशी भी थी।


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हिना की कहानी
- 8 मई 2006 को हिना की अम्मी फातिमा, खाला मुमताज व नानी रशीदा बेगम समझौता एक्सप्रेस से दोपहर दो बजकर बीस मिनट पर पहुंचे।
- साढ़े पांच बजे फातिमा, मुमताज व रशीदा बेगम के पासपोर्ट की चेकिंग की गई, सारे दस्तावेज दुरुस्त पाए गए।
- शाम छह बजे काउंटर नंबर 14 में सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने उसके सामान की चेकिंग की तो जाली करंसी करीब छह हजार मिली।
- शाम साढ़े सात बजे सीमा शुल्क विभाग ने तीनों महिलाओं के खिलाफ जीआरपी को मीमो जारी कर दिया।
- जीआरपी ने जाली करंसी के मामले में तीनों को नामजद करते हुए गिरफ्तार किया।
-6 नवंबर 2016 को हिना को फातिमा बेगम ने जन्म दिया, जेल में जन्मी बेटी को लेकर महिला कैदियों ने जश्न मनाया।
- 21 दिसंबर 2016 को फातिमा बेगम, मुमताज व रशीदा बेगम को हेरोइन तस्करी के मामले में दस-दस साल की सजा और चार लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई।
-2017 जनवरी में सजा खत्म हो गई, लेकिन जेल में रशीदा बेगम की मौत हो गई।
- फरवरी 2017 में अदालत ने जुर्माने की रकम जमा करवाने के बाद रिहाई के आदेश जारी कर दिए।
- मई 2017 में एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा व नवतेज सिंह ने चार लाख रुपये जुर्माने के जमा करवा दिए।
- जून 2017 में नवजोत कौर चब्बा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी लिखी।
- जुलाई 2017 में हिना के बारे में पाक स्थित भारतीय दूतावास अधिकारी ने पाक सरकार से संपर्क साधा।
- अगस्त 2017 में पाकिस्तान ने हिना को पाकिस्तान आने की इजाजत देने की बात स्वीकार की।
- सितंबर व अक्टूबर माह में हिना की रिहाई को लेकर भारत व पाक के बीच तीन बार बातचीत हुई।
- 30 अक्टूबर 2017 को पाक ने हिना व उसकी अम्मी व खाला को स्वीकार करने के लिए भारत को जानकारी दी।
-31 अक्टूबर 2017 को हिना व उसकी अम्मी व खाला की रिहाई के आर्डर जेल को मिले।
-दो नवंबर 2017 को अटारी बार्डर के रास्ते दोपहर दो बजे हिना अपनी अम्मी, खाला के साथ पाक लौटी।
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