स्वाइन फ्लू के साथ वायरल की एंट्री
शनिवार को वायरल के 200 से ज्यादा मरीज पहुंचे
मौसम में उमस बढ़ने से वायरल का सीजन आया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्वाइन फ्लू के साथ शहर में वायरल ने भी दस्तक दे दी है। पिछले एक हफ्ते से कई मरीज डिस्पेंसरी व अस्पताल में पहुंच रहे हैं। शनिवार को सेक्टर- 16 अस्पताल में वायरल के 200 से ज्यादा वायरल मरीज देखे गए। विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने जैसी कोई बात नहीं। मौसम में उमस बढ़ने से वायरल के केस आ रहे हैं। हालांकि पिछले साल अगस्त महीने में वायरल के केस सामने आए थे। इस बार बारिश कम हुई है। इससे उमस की मात्रा काफी अधिक है। इस वजह से वायरल का प्रकोप बढ़ा है। वायरल सीजन की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में शहरवासियों को एहतियात बरतने की जरूरत है। इससे बचना काफी आसान है। लोगों को इसमें हाइजिन का ध्यान रखना होगा।
ऐसे बचे वायरल से
1.ताजा खाना ही खाएं।
2.कुछ भी खाने से पहले हाथ को अच्छी तरह से साफ करें।
3.भीड़-भाड़ वाली जगह जाने से बचें।
4.बुखार से पीड़ित मरीज से दूर रहें।
5.बुखार होने पर पास के हास्पिटल में दिखाएं।
6.जब तक बुखार हो, तब तक घर पर ही आराम करें।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए लगवा सकते हैं टीका
शहर में अब तक स्वाइन फ्लू के छह मरीज आ चुके हैं। इनमें से एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। स्वाइन फ्लू का सबसे खतरा उन लोगों में सबसे ज्यादा है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है। इनमें मुख्य रूप से डायबिटीज, कैंसर और हार्ट के मरीज शामिल हैं। इसके अलावा सीनियर सिटीजन को भी स्वाइन फ्लू का खतरा है। पीजीआई के मेडिसिन डिपार्टमेंट के डाक्टरों का कहना है कि ऐसे मरीजों को स्वाइन फ्लू से बचाव का टीका लगवा लेना चाहिए। इससे काफी हद तक बचाव होता है। मार्केट में स्वाइन फ्लू के टीके उपलब्ध हैं। डाक्टर के परामर्श के बाद टीके लगवा सकते हैं। स्वाइन फ्लू के मरीज का इलाज करने वाले डाक्टर व नर्स को टीके लगाने की हिदायत दी जाती है। डाक्टरों का कहना है कि टीके के लिए यही वक्त सबसे बेहतर है।
सेक्टर 16 में स्क्रीनिंग ओपीडी शुरू
स्वाइन फ्लू के मरीज आते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सेक्टर- 16 हास्पिटल में 24 घंटे के लिए स्क्रीनिंग ओपीडी खोल दी गई है। इसमें राउंड दी क्लाक डाक्टर हैं। जो स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों को देखते हैं। इसके अलावा आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। स्वाइन फ्लू की दवा का भरपूर स्टॉक है। इसके अलावा जिन इलाकों से मरीज आ रहे हैं, वहां पर सर्वे किया जा रहा है।
ऐसे बचे स्वाइन फ्लू से
1.24-48 घंटे तक बुखार हो तो डाक्टर को दिखाएं।
2. गले में खराश हो तब भी डाक्टर के पास जाएं
3.खांसते व छींकते वक्त रुमाल का इस्तेमाल करें
4.भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें
5.जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू है, वहां पर ट्रैवल न करें।
6.बाहर से आने पर हाथ और मुंह जरूर धोएं
7.भीड़ वाली जगह पर जाना है तो मास्क लगाकर जाएं
कोट
स्वाइन फ्लू और डेंगू के मरीज आने के साथ वायरल का भी प्रकोप बढ़ रहा है। थोड़ी सी सावधानी रखने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इलाज की पूरी तैयारियां हैं।
डा. गोपाल भारद्वाज, सीनियर फिजिशियन जीएमएसएच 16 चंडीगढ़