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प्राचीन कला केंद्र

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अपराजिता ने भरतनाट्यम में दिखाया राम का पत्नी वियोग
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
प्राचीन कला केंद्र के नियमित मासिक बैठकों की श्रृंखला में 236वीं कड़ी में डॉ. एम एस रंधावा सभागार, पंजाब कला भवन में दिल्ली से आई अपराजिता ने मंच पर अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। गुरु कंकना सुधाकर की शिष्या अपराजिता की इस प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। अपराजिता ने कार्यक्रम के दौरान भगवान राम की उस यात्रा को दर्शाया, जिसमें भगवान राम अपनी पत्नी सीता के वियोग में जंगलों में भटक रहे थे। इसमें अपराजिता ने पूरी रामायण को एक नृत्य नाटिका में पिरोया और एक बेहद सुंदर प्रस्तुति दी।
अपराजिता ने भगवान राम के जन्म से लेकर उनके गुरु विश्वमित्र के साथ बिताए गए आश्रम जीवन को बखूब दिखाया। उनके नृत्य में राम विवाह और 14 वर्ष के वनवास की अद्भुत गाथा का सुंदर प्रस्तुतिकरण था।
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इसके बाद उन्होंने वन में भगवान राम द्वारा राक्षसों का विनाश, सीताहरण और रावण के साथ उनके युद्ध इत्यादि की कथा को नृत्य के माध्यम से पेश किया। इस नृत्य नाटिका को अपराजिता की गुरु कंकना सुधाकर द्वारा संगीतबद्ध किया गया। इस सुंदर प्रस्तुति से अपराजिता ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। कार्यक्रम के समापन पर केंद्र की रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. समीरा कौसर ने किया।
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अपराजिता के बारे में
नृत्य में स्नातकोत्तर तक शिक्षित अपराजिता ने शास्त्रीय नृत्य में महारथ हासिल की है। बहुमुखी प्रतिभा की धनी अपराजिता ने बहुत से सम्मान और अवार्ड हासिल किए हैं। अपराजिता ने देश के साथ ही विदेशों में अपनी कला और प्रतिभा का बखूब प्रदर्शन किया है।

-पंजाब कला भवन में गुरु कंकना सुधाकर की शिष्या ने दी प्रस्तुति
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