मेरे कार्यकाल में हड़ताल करवाई गई: देवेश मोदगिल
स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर के 20वें नंबर पर आने से पूर्व मेयर नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के परिणाम पर पूर्व मेयर देवेश मोदगिल ने तीसरे नंबर से 20 तक फिसल जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। देवेश मोदगिल ने कहा कि चंडीगढ़ के मेयर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान शहर ने तीसरा स्थान हासिल किया था, लेकिन दुर्भाग्य से यह अब नंबर 20वें स्थान पर लुढ़क गया है। पूर्व मेयर ने कहा कि इतना ही नहीं कुछ ऐसे नेता जिन्होंने मेरे मेयर बनने के लिए सामंजस्य नहीं बनाया और जो नहीं चाहते थे कि मैं अपने कामकाज में सफल होऊं, उन्होंने भी 11 अक्तूबर 2018 से 30 अक्तूबर 2018 तक हड़ताल पर जाने के लिए सफाई कर्मचारियों को उकसाया। अगर इस तरह की हरकत नहीं की जाती और वह भी कुछ निहित राजनीतिक हित के कारण तो चंडीगढ़ की स्थिति बहुत बेहतर होती।
मोदगिल ने कहा कि मेयर के रूप में उन्होंने अपने सभी प्रयासों के दौरान काम किया चंडीगढ़ को तीन नंबर से एक नंबर पर लाना था। इसके लिए उन्होंने निगम के सभी वार्डों का दौरा किया, उस वार्ड के प्रमुख व्यक्तियों को संबोधित किया, जिसमें रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने लोगों को शामिल करने के लिए एक समिति का गठन किया और सफाई कर्मचारियों, अधिकारियों, पार्षद, स्टेक होल्डर्स के 5 सम्मेलनों का आयोजन किया। उन्होंने उस उद्देश्य के लिए प्रमुख व्यक्तियों की एक समिति भी बनाई। इंदौर मॉडल का अध्ययन करने के लिए वह और कमिश्नर इंदौर गए और चंडीगढ़ में इसे शुरू करने की पूरी कोशिश की।
मोदगिल ने कहा कि दुर्भाग्य से पार्षदों के एक समूह ने चंडीगढ़ में इस पैटर्न को लागू नहीं होने दिया और सितंबर 2018 में हुई नगर निगम की बैठकों में लगातार इस कदम का विरोध किया। वे यह भी चाहते थे कि कूड़े का सेग्रीगेशन घरों से ही शुरू हो। अगर उन्होंने इन उपायों का विरोध नहीं किया होता, तो चंडीगढ़ आसानी से बरकरार रहता और पूरे देश में अपनी स्थिति बेहतर करता।