मिरर पेज की लीड स्टोरी ::::
फ्लैग :: पीजीजीसी-11 ने छोटे संकल्प से किया बड़ा काम
5000 स्टूडेंट ने 365 दिन में बचाए 12 लाख रुपये
क्रॉसर :::
-जनवरी 2018 में हर बुधवार को कॉलेज में दो घंटे मोबाइल बंद करने की शुरू की गई थी मुहिम
-सुबह 11 बजते ही बंद हुआ मोबाइल खुलता है दोपहर एक बजे के बाद
-कॉलेज का माहौल भी उस दिन होता है अलग, हर विद्यार्थी के लगा होता है मोबाइल डिटोक्स का स्टीकर
-अब कॉलेज प्रशासन सप्ताह में दो दिन मोबाइल बंद रखने की बना रहा योजना
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सुशील कुमार
चंडीगढ़। मौजूदा दौर में मोबाइल सबसे अधिक जरूरत का साधन बन चुका है। इस पर हमारी पल पल की नजर रहती है। चाहे सोशल मीडिया पर हम एक्टिव रहें या फिर कोई अन्य कार्य करें, हर कोई दिन में पांच से छह घंटे मोबाइल चला रहा है। ऐसे में यदि दो घंटे मोबाइल बंद करने के लिए किसी से कहा जाए तो यह असंभव है, लेकिन ऐसा कर दिखाया है आज के युवाओं ने। यह युवा सेक्टर- 11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज के हैं। इस कॉलेज के 5000 विद्यार्थियों ने हर बुधवार को दो घंटे कॉलेज में मोबाइल बंद करके पढ़ाई करने का संकल्प लिया और परिणाम सामने आने लगे। धीरे धीरे समय बीतता गया। अब एक ही साल यानी 365 दिन में 12 लाख रुपये से अधिक इन विद्यार्थियों ने अपने संकल्प के जरिए बचा लिए, जो उन्हीं की जेब में हैं। यह जानकर सभी हैरत में होंगे? आखिर यह रकम बची तो कैसे? इसका हिसाब हम इस रिपोर्ट में बताने जा रहे हैं-
ऐसे शुरू हुआ संकल्प
पिछले साल जनवरी 2018 शुरू हुई तो सभी कॉलेज के शिक्षक व स्टूडेंट्स ने एक दूसरे को नए साल की बधाई ही नहीं दी बल्कि उसके साथ एक संकल्प भी लिया। वह था हर बुधवार को मोबाइल डिटोक्स का। दिन में 11.00 बजे से लेकर दोपहर 1.00 बजे तक मोबाइल बंद करने के लिए विद्यार्थियों से अपील की गई। विद्यार्थियों ने भी धीरे धीरे इसमें साथ दिया। पहले रैली का आयोजन हुआ। उसके बाद नाटकों का सहारा लेकर मोबाइल के बंद करने के बाद होने वाले फायदों को बताया गया। कॉलेज की यह मुहिम धरातल पर तीन महीने में उतरती नजर आई। शुरुआत में दिक्कतें भी खड़ी हुईं, लेकिन धीरे धीरे सब संकल्प पूरा करने की ओर बढ़ते रहे। एक साल में 99 फीसदी कामयाबी कॉलेज के हाथ लग गई। अब सप्ताह में दो दिन दो घंटे मोबाइल बंद रखने की ओर कॉलेज संकल्प लेने जा रहा है।
इस तरह बची रकम
हर किसी के मोबाइल पर डेटा पैक है। टेलीकॉम से जुड़े जानकारों के मुताबिक हर व्यक्ति हर घंटे में ढाई से तीन रुपये का डेटा व कॉल पर खर्च करता है। इस तरह दो घंटे का यह खर्च कम से कम पांच रुपये बनता है। कॉलेज में पांच हजार विद्यार्थी हैं। यह हर बुधवार को दो घंटे मोबाइल बंद रखते हैं तो इस तरह एक दिन में खर्च होने वाले 25 हजार रुपये बचते हैं। एक माह में चार बुधवार आते हैं। इस तरह यह रकम चार गुना बढ़कर एक लाख पहुंच जाती है। सालाना हिसाब लगाएं तो 12 लाख रुपये की बचत हुई। एक दिन दो घंटे मोबाइल बंद करने से विद्यार्थियों ने यह पूंजी अपनी जेब में बचाई है। इस मुहिम के जरिये हर विद्यार्थी खुश भी हैं।
शिक्षकों ने भी नहीं चलाते हैं मोबाइल
हर बुधवार को दो घंटे मोबाइल बंद रखने का संकल्प केवल विद्यार्थियों ने ही नहीं लिया बल्कि 250 से अधिक शिक्षकों ने भी लिया है। वह भी बुधवार को दो घंटे मोबाइल बंद रखते हैं। साथ ही मोबाइल डिटोक्स का स्टीकर भी उस दिन लगाते हैं। उसी को ध्यान में रखकर उनका अनुसरण विद्यार्थी करते नजर आते हैं। यदि अन्य कॉलेजों में भी यह मुहिम चले तो इसके रिजल्ट और बेहतर देखने को मिलेंगे।
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आगे भी जारी रहेगी मुहिम
मोबाइल डिटोक्स की मुहिम में सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों का सहयोग मिल रहा है। सप्ताह में एक दिन मोबाइल बंद रखने से छात्रों व शिक्षकों की पूंजी भी बच रही है। इस मुहिम को लगातार आगे बढ़ाते रहेंगे।
-प्रो. रमा अरोड़ा, प्रिंसिपल, पीजीजीसी सेक्टर- 11