कृषि भूमि पर क्रिकेट अकादमी
चंडीगढ़ प्रशासन ने भेजा नोटिस
छह सप्ताह में देना होगा मालिकों को जवाब, सही जवाब न मिलने पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रतिबंध के बावजूद आईटी पार्क के नजदीक एग्रीकल्चर लैंड का व्यावसायिक प्रयोग होने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन की ओर से क्रिकेट अकादमी संचालक को नोटिस भेजकर कर जवाब तलब किया गया है। इसके लिए 6 सप्ताह का समय दिया गया है। यह 250 एकड़ कृषि भूमि का एक बड़ा हिस्सा आईटी पार्क के पास स्थित है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कृषि भूमि के लिए अधिग्रहण किया गया था। यूटी प्रशासन ने आईटी पार्क फेस-3 के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण की थी, लेकिन लंबी कानूनी लड़ाई के बाद भूमि के मालिकों ने मामला जीता और 2012 में जमीन वापस ले ली।
अदालत को उस समय जमीन मालिकों ने बताया था कि इस भूमि का इस्तेमाल केवल कृषि के लिए किया जाएगा। बताते चलें कि पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट के अनुसार कृषि भूमि पर कोई निर्माण और वाणिज्यिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है। इतने कड़ेे नियम होने के बाद भी लोग एग्रीकल्चर लैंड का दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रशासन ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने में नाकाम रहा है। नया मामला कृषि भूमि पर क्रिकेट मैदान बनाने का आया है, जिसे एक क्रिकेट क्लब द्वारा चलाया जा रहा है। इस संदर्भ में लैंड एक्वायर अधिकारी आईएएस अर्जुन शर्मा ने बताया कि उक्त जमीन के मालिकों को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी गई है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जवाब देने के लिए छह सप्ताह का समय दिया गया है।