पीयू के प्रोफेसर डॉ. विशाल शर्मा को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
- एचपीटीएलसी विधि के जरिये इंक से की गई कठिन फॉरजेरी को सुलझाया
- डॉ. पीडी सेठी मेमोरियल ने रिसर्च पेपर में प्रकाशित इस लेख के बाद उनका नाम शॉर्टलिस्ट किया
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विशाल शर्मा को उत्कृष्ठ कार्य के लिए डॉ. पीडी सेठी मेमोरियल नेशनल अवार्ड 2017 दिया गया है। डॉ. शर्मा ने एचपीटीएलसी विधि के जरिये इंक से की गई कठिन फॉरजेरी को सुलझाया है।
डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि वर्ष 2017 में 60 से 70 इंक वाले पेन खरीदकर उनसे लिखा। वह आम लोगों को एक जैसे दिखे लेकिन वह सब अलग हैं। इंक के जरिये फॉरजेरी की जा सकती है। इस पकड़ा भी जा सकता है। लेकिन कई आधुनिक बालपेन इंक को लाइट स्कैन मैथर्ड से लैब में भी नहीं पकड़ा जा सकता। इन्हीं को एचपीटीएलसी विधि से सुलझाया गया। उन्होंने बताया कि इस रिसर्च को उन्होंने एक जनरल में पब्लिश किया। प्रकाशन के बाद डॉ. पीडी सेठी मेमोरियल ने उसे पढ़ा और जाना। उसी में उन्होंने बेहतर कार्य के लिए डॉ. विशाल शर्मा का चयन किया। डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि इंक विश्लेषण एक महत्वपूर्ण अनुसंधान क्षेत्र है। जालसाजी का पता इसके जरिये लगाया जा सकता है। स्याही महत्वपूर्ण सुबूत भी बनती है।