जहाज से पैसेंजर को उतरना पड़ा मंहगा, एयर इंडिया को देना होगा मुकदमा खर्च और मुआवजा
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने पीड़ित की शिकायत पर सुनाया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हवाई जहाज से पैसेंजर को उतारना और दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था न करने पर एयर इंडिया को फटकार लगी है। सेवा में कोताही बरतने पर अब एयर इंडिया को 5500 रुपये टैक्सी किराया, पांच हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च देेने के आदेश दिए हैं। यह फैसला जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 चंडीगढ़ ने दिया है। आदेश की प्रति मिलने के 30 दिन के भीतर निर्देश का पालन करना होगा। शिकायतकर्ता सर्दुल सिंह घुम्मन (एसोसिएट प्रोफेसर संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, लोंगोवाल जिला संगरूर) निवासी सेक्टर-71 मोहाली ने सेक्टर-34 स्थित एयर इंडिया और इसके मैनेजिंग डायरेक्टर के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। नीदरलैंड से एक कान्फ्रेंस अटैंड कर लौट रहे थे। चंडीगढ़ आने के लिए उन्हें नई दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर इंडिया जहाज से उतार दिया गया। चंडीगढ़ पहुंचने केलिए एयर इंडिया ने उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। इसके कारण वे 5500 रुपये टैक्सी भाड़ा देकर चंडीगढ़ पहुंचे। शिकायतकर्ता ने कहा कि 6 सितंबर 2015 को वह ग्रोनिंगन, नीदरलैंड्स में एक कान्फ्रेंस में हिस्सा लेकर चंडीगढ़ के लिए आ रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट से जैसे ही फ्लाइट चंडीगढ़ के लिए उड़ान भरने वाली थी, तो उसे बिना कोई कारण बताए जहाज से उतार दिया गया। उन्हें किस कारण जहाज से उतारा गया यह जानने के लिए उन्होंने कंपनी से अनुरोध किया, लेकिन कंपनी स्टाफ ने इस संबंध में पता लगाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। बार-बार निवेदन करने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो उन्होंने 5500 रुपये में एक टैक्सी हायर कर ली, ताकि वह चंडीगढ़ पहुंच सकें, क्योंकि उन्हें 7 सितंबर 2015 को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। एयर इंडिया ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सिक्योरिटी एजेंसी ने रिचेकअप के लिए उनका बैगेज डिटेन किया था। उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।