मेयर सीधे जनता चुने, राष्ट्रपति के सामने उठाया मुद्दा
चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष ने मेयर और प्रशासक की मौजूदगी में उठाई मांग
कहा, पांच साल हो मेयर का कार्यकाल, मनोनीत को फिर मिले वोटिंग अधिकार
राष्ट्रपति कोविंद का आश्वासन, कहा- इसके लिए केंद्र सरकार से बात करेंगे
यूपी की तर्ज पर मेयर का चुनाव करवाने की मांग गृह मंत्री के समक्ष भी उठी थी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सामने मंगलवार को मेयर का कार्यकाल 5 साल करने और सीधे जनता द्वारा चुने जाने का मामला उठाया गया। पंजाब राजभवन में भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने मेयर देवेश मोदगिल और पंजाब के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर की मौजूदगी में तीन बड़े मसले उठाए। पहला मेयर का कार्यकाल बढ़ाने, मनोनीत पार्षदों को फिर से वोटिंग का अधिकार देने और तीसरी मांग हाउसिंग इंप्लाइज स्कीम को सिरे चढ़ाना। उधर, राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया है कि तीनों मामलों में केंद्र सरकार से बात करेंगे। वहीं, प्रशासन के अधिकारियों की राष्ट्रपति से अलग बैठक हुई है।
चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर का कार्यकाल एक साल का है। मेयर का चुनाव पार्षदों की ओर से किया जाता है। तर्क है कि एक साल का कार्यकाल होने के कारण मेयर ज्यादा प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाते हैं। वहीं, पिछले साल पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मनोनीत पार्षदों के मेयर चुनाव में वोट डालने पर रोक लगा दी थी। इससे पहले भी सांसद किरण खेर और भाजपा अध्यक्ष टंडन मेयर का चुनाव उत्तरप्रदेश की तर्ज पर सीधे जनता द्वारा करवाने की मांग पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सामने भी उठा चुके हैं।
राष्ट्रपति के सामने हाउसिंग इंप्लाइज स्कीम को सिरे चढ़ाने की अपील करते हुए कहा गया कि केंद्र सरकार से इस स्कीम के लिए सस्ते रेट पर जमीन उपलब्ध करवाने का प्रपोजल पास करवाया जाए। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणापत्र में इस स्कीम के तहत कर्मचारियों को फ्लैट देने का वायदा किया था, लेकिन भाजपा अभी तक यह वायदा पूरा नहीं कर पाई है। अगले साल लोकसभा चुनाव है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि उससे पहले इस स्कीम के तहत 4 हजार फ्लैट का निर्माण करने के लिए जमीन उपलब्ध करवा दी जाए।