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प्राचीन कला केंद्रपररर

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प्राचीन कला केंद्र में संगीत के महान गुुरुओं ने परफारमेंस से जीता दिल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्राचीन कला केंद्र के मंच पर सोमवार को चेन्नई की संगीतज्ञ संस्था कलाक्षेत्र के महान गुरुओं ने अपनी परफारमेंस तो दी ही, साथ ही कलाक्षेत्र के अनुभवों को भी संगीत प्रेमियों के साथ साझा किया। इन गुरुओं ने अपने जीवन के सफर के कुछ अमूल्य अनुभव यहां बांट कर दर्शकों को बहुमूल्य जीवन मूल्यों से अभी अवगत करवाया। इस मौके पर एनएस जयलक्ष्मी, पद्मभूषण शांता और वीपी धनंजय ,सीके बालगोपालन और लक्ष्मी कृष्णामूर्ति मौजूद रहीं। इस मौके पर केंद्र के चेयरमैन एसके मोंगा, सचिव श्री सजल कोसेर एवं संगीत नाटक अकादमी अवार्डी डॉ. शोभा कौसर भी उपस्थित रहीं।
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प्राचीन कला केंद्र के लिए आज का दिन इसलिए खास रहा क्योंकि प्राचीन कला केंद्र ने अपनी नयी आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया। इसका अनावरण पंजाब ललित कला अकादमी के चेयरमैन दीवान माना ने किया। इसमें कलाक्षेत्र की फाइन आर्ट डिपार्टमेंट की सीनियर गुरु शमत लक्ष्मी कृष्णामूर्ति की उत्कृष्ट कलाकृतियों का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर इस सब महान विभूतियों ने कला के क्षेत्र में गुरु शिष्य परंपरा के महत्व को समझाया और पारंपरिक नृत्य शैली और विचारों को नए युग के साथ सामंजस्य पर भी बात की। उन्होंने ने कहा कि नृत्य या किसी भी कला में बदलाव तो संभव हैं पर अगर पारंपरिक शैलियों के साथ उन्हें अपनाया जाये तो विकास सुंदर और मजबूत हो जाता हैं पर अगर हम पारंपरिक शैलों को साथ नहीं रखेंगे तो कोई भी कला अपने मूल रूप खो देगी।
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