सड़क हादसे मामले में मृतक के परिजनों को 10.95 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश
-2017 में कार के टकराने सेे लखनऊ निवासी वरिंद्र की हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वर्ष 2017 के सड़क हादसे मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने मृतक के परिवार को 10.95 लाख रुपये मुआवजा राशि देने के आदेश दिये हैं। ट्रिब्यूनल ने कार के ड्राइवर, कार के मालिक और बीमा कंपनी (यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ) को संयुक्त रूप से मुआवजे का भु़गतान करने के निर्देश दिए हैं। मामले में मृतक वरिंद्र के पिता हेमराज ने मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 की धारा 166 के तहत 50 लाख रुपये मुआवजा राशि के लिए यचिका दायर की थी।
दायर याचिका में बताया गया कि वरिंद्र जिला लखनऊ के गांव गीरधपुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला था और लालडू स्थित एलपी नीशी कावा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बतौर हेल्पर 25 हजार रुपये महीना कमाता था। 12 जनवरी, 2017 की सुबह 6:45 बजे वरिंद्र अपने दोस्त धूद नाथ और मनोज पांडेय के साथ फुटपाथ पर टहल रहा था कि तभी चंडीगढ़ से तेज रफ्तार एक कार आई और तीनों को कुचल दिया। घटना में वरिंद्र की मौत हो गई, जबकि बाकी दो लोगों को हल्की चोटें आई। याचिका में कहा गया कि ड्राइवर के गलत तरीके से कार चलाने की वजह से उनके बेटे की मौत हुई। तीनों लोगों से कार टकराने के बाद कार एक खेत मे जा गिरी थी। परिजनों ने 50 लाख रुपये बतौर मुआवजा राशि देने की मांग की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने कार के ड्राइवर, मालिक और बीमा कंपनी को संयुक्त रूप से मृतक के परिवार को 10,95,305 रुपये देने के निर्देश दिए हैं।