हाईकोर्ट ने मांगा ट्राइसिटी के पिछले 6 माह के डॉग्स बाइट का ब्योरा
कहा, स्ट्रे डाग बने बड़ा खतरा, कैसे करोगे पहचान किस स्ट्रे डॉग का टीकाकरण हुआ और किसका नहीं
एमिकस क्यूरी ने कहा, अवैध निर्माण गिराने के डीबी दे रही है आदेश और सिंगल बेंच ने रोका
हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के समक्ष मौजूद सभी ऐसे मामलों को सुखना केस के साथ सुनने का लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लगातार बढ़ती जा रही डॉग बाइट की घटनाओं पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पिछले 6 माह में ट्राइसिटी में के ऐसे सभी मामलों की जानकारी तलब कर ली है। हाईकोर्ट ने कहा कि इन आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद ही आगे इस दिशा में कोई आदेश जारी किए जा सकेंगे। इसी बीच, कोर्ट ने सुखना के कैचमेंट एरिया में हुए अवैध निर्माणों को गिराने पर सिंगल बेंच की रोक की जानकारी मिलने पर इन सभी मामलों को सुखना लेक केस के साथ सुनने का निर्णय लिया है।
मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा कि उन्होंने सुखना में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए क्या किया है? इस पर हरियाणा सरकार ने बताया कि उन्होंने पूरी व्यवस्था कर दी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सुखना चो में गंदा पानी न जाए। हाईकोर्ट ने स्ट्रे डॉग्स का मुद्दा उठाया। कोर्ट ने कहा कि अखबारों में लगातार आ रहा है कि जगह-जगह स्ट्रे डॉग्स लोगों पर हमला कर रहे हैं। वे वाहन दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। कोर्ट को बताया गया कि स्ट्रे डॉग्स का टीकाकरण किया जा रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि क्या कुत्तों की पहचान का तरीका है कि किसका टीकाकरण हुआ है और किसका नहीं। क्या कोई चिप फिट करोगे या पहचान बनाओगे। कोर्ट ने कहा कि इस दिशा में कोई निर्णय लेना जरूरी है।
इसी बीच एमिकस क्यूरी तनु बेदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्ट्रे डॉग्स के बारे में दिए गए आदेश का वह अध्ययन कर रही हैं और अगली सुनवाई पर वह इस दिशा में कोई की मदद करेंगी। हाईकोर्ट ने इस पर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को पंचकूला, मोहाली और चंडीगढ़ में डॉग बाइट के पिछले 6 माह में हुए सभी मामलों की जानकारी सौंपने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में शहर नंबर वन है। डॉग बाइट के मामले शहर के लिए बड़ी समस्या बन रहे हैं। चंडीगढ़ को मॉडल शहर होना चाहिए और हम सभी को मिलकर इस दिशा में काम करने की जरूरत है।
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अवैध निर्माण के सभी मामलों की साथ में सुनवाई
इस दौरान कोर्ट ने पूछा कि कैचमेंट एरिया में मौजूद अवैध निर्माणों को गिराया गया है या नहीं। कोर्ट को बताया गया कि आदेश के अनुरूप इन निर्माणों को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई थी लेकिन लोगों ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के सामने याचिका दाखिल कर दी और सिंगल बेंच ने निर्माण गिराने पर रोक लगा दी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सिंगल बेंच के समक्ष दाखिल ऐेसे सभी मामलों को उनकी बेंच के समक्ष लाया जाए। अब वे इन मामलों की सुखना लेक केस केसाथ ही सुनवाई करेंगे।
यह है मामला
सुखना के गिरते जल स्तर पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सुनवाई आरंभ की थी। इस मामले में लंबे समय से सुनवाई हो रही है। अब इस केस में कुछ अन्य मुद्दों को भी शामिल कर लिया गया है जिसमें स्ट्रे डॉग्स का मामला भी शामिल है।
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ड्रोन से की गई सुखना की निगरानी
हरियाणा सरकार ने सुखना लेक में सीवरेज का पानी जाने को लेकर हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि सुखना में सीवरेज का पानी रोक दिया गया है। इसको साबित करने के लिए बताया गया कि सुखना की ड्रोन मैपिंग की गई है। इसकी एक सीडी भी तैयार की गई है।