(सर पंचवटी में कुटिया निर्माण का फोटो ट्रैक में सेव है)
अमर उजाला ब्यूरो
पल भर में चूर-चूर हो गया देवर्षि नारद का घमंड
सेक्टर-20 के आजाद ड्रामाटिक क्लब के मंच पर शुरू हुई रामलीला, बेहतरीन प्रस्तुति पर बजी तालियां
चंडीगढ़। सेक्टर-20 के आजाद ड्रामाटिक क्लब के मंच पर सोमवार को नारद मोह के मंचन का पहला सीन हुआ। इसमें देवर्षि नारद तपस्या में लीन रहते हैं। इससे इंद्र का सिंहासन डोलने लगता है। इससे चिंतित इंद्र कामदेव को भेजते हैं कि वह नारद का घमंड तोड़े। कामदेव नारद से क्षमा मांगते हैं कि ऐसा करने के लिए देवराज इंद्र ने कहा था। फिर नारद को इस बात का घमंड हो जाता है और वे विष्णु, ब्रह्मा और शिव से अपनी बड़ाई खुद करते हैं। बाद में एक स्वयंवर में इनका घमंड टूट जाता है। आजाद ड्रामाटिक क्लब के डायरेक्टर परमजीत सिंह पम्म ने बताया कि सूरज भारद्वाज ने विष्णु, विशाल कौशिक ने शिव, रेहान मलिक ने नारद, पवन शर्मा ने राजा शीलनिधि, संगीता ने लक्ष्मी, सुनील ने कामदेव, लवली सैनी ने ब्रह्मा का रोल निभाया। इस मौके पर शानदार प्रस्तुति देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं और कलाकारों का स्वागत किया। रामलीला कमेटी के डायरेक्टर परमजीत सिंह पम्म ने बताया कि दर्शकों के बैठने के लिए उचित व्यवस्था की गई थी। भव्य आरती के बाद रामलीला का मंचन हुआ।
स्टेज के साथ की बनाया पंचवटी...
परमजीत सिंह पम्म ने बताया कि भगवान के वनवास के बाद का सीन पंचवटी में ही होगा। यहां कुटिया भी बनाई गई है। इसके साथ ही कुटिया है तो कृत्रिम, लेकिन उसे प्राकृतिक रूप देने की भरपूर कोशिश की गई है। पहाड़ और वन की यहां पूरी व्यवस्था है। भगवान के वनवास के सीन के अलावा अन्य सीन भी होंगे। लक्ष्मण रेखा भी इस कुटिया के पास बनेगी। यह लोगों को आकर्षित करेगी, कि जैसे ही रावण सीता हरण के लिए जाएगा, उस रेखा से अग्नि प्रज्ज्वलित होगी। इस कुटिया से भरत मिलाप के सीन का भी मंचन होगा। वनवास के बाद मुख्य मंच पर रावण दरबार सजेगा।