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लुधियाना टोल टैक्स

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अब लुधियाना टोल प्लाजा हुआ फ्री
स्थायी लोक अदालत ने टोल वसूलने पर लगाई रोक
कोर्ट ने बढ़ते सड़क हादसों के बावजूद बेहतर सुविधाएं न मुहैया करवाने को लेकर सुनाया
फैसला
महेश कुमार
कपूरथला।
अब जालंधर-लुधियाना के बीच पड़ने वाला लाडोवाल टोल प्लाजा बिल्कुल फ्र ी हो गया है। स्थायी लोक अदालत ने इस टोल प्लाजा से अगले आदेशों तक टोल न वसूलने के आदेश जारी किए हैं। जगह-जगह नेशनल हाईवे पर कब्जों और सड़क हादसों के बढ़ने के बावजूद वसूले गए टोल से बेहतरीन सुविधाएं न मुहैया करवाने को लेकर अदालत ने फैसला सुनाया है।
कपूरथला के न्यू ज्यूडीशियल कांप्लेक्स स्थित स्थायी लोक अदालत की चेयरपर्सन मंजू राणा ने मंगलवार को जालंधर-लुधियाना के अधीन पड़ने वाले लाडोवाल टोल प्लाजा व नेशनल हाईवे अथारिटी को अदालत में तलब किया गया था। नेशनल हाईवे की ओर से वकील अदालत में पेश हुए। जिसके चलते जज ने अगले आदेशों तक टोल प्लाजा को वाहनों से टोल वसूलने पर रोक लगा दी। अब अगली पेशी 24 अप्रैल को है। जज ने
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अपने फैसले में टोल के रूप में उगाही रकम से बेहतरीन सुविधाएं न देने के चलते सड़क हादसों में बढ़ोत्तरी होने के लिए नेशनल हाईवे अथार्टी को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, नेशनल हाईवे के किनारे कई जगह कब्जों की भरमार होने के कारण वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। जिसके चलते स्थायी लोक अदालत ने यह आदेश जारी किए हैँ।
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एनआईएएच ने 15 लोगों को जारी किया नोटिस
बता दें कि ह्यूमन राइट्स प्रेस क्लब की ओर से इस मामले की स्थायी लोक अदालत में शिकायत दी गई थी। जिसके आधार पर 15 मार्च को अदालत ने कब्जे हटाने से लेकर बेहतरीन सुविधाएं मुहैया करवाकर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। लेकिन नेशनल हाईवे अथारिटी और टोल प्लाजा प्रबंधन ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। यह रिपोर्ट 17 अप्रैल को साथ लेकर अदालत में पेश होने के लिए कहा था। जिसके चलते जज मंजू राणा ने कमियों दूर किए जाने तक टोल वसूलने पर रोक लगा दी है। पता चला है कि नेशनल हाईवे अथारिटी ने हाईवे पर कब्जा करने वाले करीब 15 लोगों को नोटिस भी जारी किए हैं।
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