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अधिकारियों के घर पर तैनात हैं चार-चार सफाई कर्मी!
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
निगम ने पारदर्शिता के लिए उत्तरी सेक्टरों का सेनिटेशन प्लान अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया, ताकि पता चल सके कि कितने सफाई कर्मचारी किस एरिया में तैनात हैं। सूची में दर्शाया गया था कि सलाहकार के घर पर तीन, कमिश्नर के घर पर 4 और पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर के घर पर तीन सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं, जबकि जहां-जहां पर भी अधिकारियों के घर है उन एरिया की सड़कों की सफाई के लिए अलग से कर्मचारी नाम के साथ दर्शाए गए हैं।
निगम के ज्वाइंट कमिश्नर मनोज खत्री से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बिना वेरिफाई करवाए निचले स्तर पर कर्मचारियों ने सूची अपलोड कर दी है। उन्होंने बताया कि सूची में बताई गई जानकारियां गलत हैं, जिसे ठीक करवाकर फिर से सूची अपलोड की जाएगी। वहीं जब अधिकारियों को डाले गए सेनिटेशन प्लान की जानकारी मिली तो वह रविवार को अपने कार्यालय में शाम को पहुंच गए और प्लान डिलीट करवा दिया। हालांकि मेयर आशा जसवाल ने जांच के निर्देश दे दिए हैं।
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पार्षद उठाते रहे हैं सफाई कर्मचारियों की कमी का मामला
जो सूची डाली गई है उसमें निगम के पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर हाउस में भी दो कर्मचारी नियुक्त करने की जानकारी दी गई है। पंजाब व हरियाणा राजभवन में भी निगम के सफाई कर्मचारी की नाम वाइज डिटेल दी गई है। मालूम हो कि पिछली सदन की बैठक में कई पार्षद अपने अपने एरिया में सफाई कर्मचारियों की कमी का मामला उठाते रहे हैं। सूची के अनुसार सेक्टर-7 में कुल 88 कर्मचारी तैनात हैं।
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दक्षिणी सेक्टर की सफाई कंपनी के हाथ
दक्षिणी सेक्टरों की सफाई व्यवस्था का जिम्मा निगम ने कंपनी को दिया हुआ है, जिसका निगम हर माह करीब 4 करोड़ रुपये अदा करती है। निगम के अनुसार दक्षिणी सेक्टरों मे मैकेनिकल स्वीपिंग की जा रही है। जबकि शहर की सांसद किरण खेर इस मैकेनिकल स्वीपिंग पर ही दो माह पहले सदन में सवाल उठा चुकी है।

-पारदिर्शता के लिए निगम ने वेबसाइट पर अपलोड की सूची फिर हटाई
-ज्वाइंट कमिश्नर बोले, निचले स्तर के कर्मचारियों ने बिना वेरिफाई करवाई अपलोड कर दी सूची
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