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अपनी हत्या की खबर सुन लल्लन की बेटी पहुंची थाने, बोली-मैं तो जिंदा हूं

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पंचकूला। मनसा देवी थाने से 500 मीटर दूर हत्या कर जलाई गई युवती के मामले में मंगलवार को ऐसा मोड़ आया कि पंचकूला पुलिस सन्न रह गई। 39 दिनों से लापता लल्लन की बेटी मंगलवार रात 9 बजे आईटी थाने पहुंची और बोली कि मैं तो जिंदा हूं। मेरी हत्या के आरोप में मेरे प्रेमी को बेवजह फंसाया जा रहा है। यह सुनने ही पंचकूला पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि पंचकूला पुलिस तो लावारिस युवती को लल्लन की बेटी मानकर उसका अंतिम संस्कार भी करा चुकी थी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि लल्लन की बेटी जिंदा थी तो फिर वह युवती कौन थी। उसकी शिनाख्त में लापरवाही बरतने के लिए पंचकूला पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठ रहे हैं।
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चंडीगढ़ स्थित इंदिरा कालोनी निवासी लल्लन प्रसाद यादव ने पंचकूला पुलिस के सामने दावा किया था कि अधजला शव उसकी बेटी का है। उसकी हत्या उसके प्रेमी ने की है। लेकिन बेटी ने थाने पहुंचकर लल्लन के आरोप और दावे की हवा निकाल दी। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से गई थी। उसने जब समाचार पत्रों में अपनी हत्या की खबर पढ़ी तो हैरान रह गई। इसीलिए सच्चाई बताने पुलिस के पास चली आई।
आईटी थाना प्रभारी लखबीर सिंह ने बताया कि लल्लन की बेटी को मेडिकल कराकर बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। वहीं उसका इकबालिया बयान दर्ज किया जाएगा।
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जो प्यार करता है, वह मार नहीं सकता
लल्लन की बेटी के थाने पहुंचने की खबर जैसे ही आरोपी युवक की मां को मिली तो वह आसपास के लोगों के साथ एमडीसी थाने पहुंच गई और उसने कहा कि वह तो पहले ही कह रही थी कि उसके बेटे ने किसी लड़की का कत्ल नहीं किया है। क्योंकि जो प्यार करता है वो मार नहीं सकता। उसने आरोप लगाया कि लल्लन ने सोची समझी साजिश के तहत मेरे बेटे को फंसाने की साजिश रची। लेकिन उसकी अपनी ही बेटी ने इसका पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस और लल्लन बताएं-मेरा बेटा कहां है
आरोपी युवक की मां ने पंचकूला पुलिस और लल्लन से पूछा कि बेटी तो मिल गई अब मेरा बेटा भी मुझे लौटा दो, उसका कुछ अता पता नहीं है।

पंचकूला पुलिस के लिए बनी आफत
लल्लन प्रसाद यादव ने 23 मार्च को चंडीगढ़ पुलिस को बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बेटी के वापस आ जाने से लल्लन और चंडीगढ़ पुलिस को तो राहत मिल गई है कि लेकिन पंचकूला पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। क्योंकि पंचकूला पुलिस द्वारा लल्लन के शिनाख्त करने पर अधजले शव को गुरप्रीत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था और माना जा रहा था कि शव की शिनाख्त तो हो गई और आरोपी भी जल्द पकड़ा जाएगा। अब पंचकूला पुलिस के हाथ एक बार फिर से खाली हो गए हैं। क्योंकि न तो पुलिस अधजले शव के बारे में जानकारी है और न ही उसके हत्यारोपी का कोई
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सुराग है। कुल मिलाकर पंचकूला पुलिस को इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने के लिए नए सिरे से तहकीकात शुरू करनी पड़ेगी।
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