(सर कमिश्नर केके यादव का फोटो ट्रैक में सेव है)
कम्यूनिटी सेंटर में पार्षदों के रूम में लगा ताला
सबहेड
चुनाव तक अपने रूम का नहीं कर सकेंगे प्रयोग, कोई राजनीतिक गतिविधि भी नहीं होगी
आचार संहिता के बावजूद कम्यूनिटी सेंटरों में राजनीतिक गतिविधियों पर कमिश्नर, जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चुनाव होने तक पार्षद अपने एरिया के कम्यूनिटी सेंटर में नहीं जा सकेंगे। नगर निगम ने उनके कमरों को अपने अधीन कर लिया है। ऐसे में अब पार्षद कमरे में बैठक नहीं कर सकेंगे। कम्यूनिटी सेंटर के रूम के बाहर लगे पार्षदों के नेम प्लेट को भी हटा दिया गया है। कम्यूनिटी सेंटर के किसी भी भाग में राजनीतिक गतिविधियां नहीं हो सकेंगी और न ही किसी प्रकार के पोस्टर बैनर रखे जा सकेंगे।
मैनेजमेंट ऑफ कम्यूनिटी सेंटर बायलॉज 2018 के अनुसार और चुनाव आचार संहिता के अनुसार कोई भी चुनावी गतिविधि यहां नहीं हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो संबंधित बीएंडआर विंग के एक्सईएन जिम्मेदार होंगे। कम्यूनिटी सेंटरों में राजनीतिक गतिविधियां होने पर नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने एडिशनल कमिश्नर तिलक राज को निर्देश दिया है कि तीनों कम्यूनिटी सेंटरों जिसमें 37, 29 और रामदरबार में आचार संहिता का उल्लंघन होने की जांच कर रिपोर्ट सौंपें।
नगर निगम कमिश्नर ने इस संबंध में आदेश जारी कर आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही 11 मार्च को सभी अधिकारियों को इसे पूर्ण रूप से लागू करवाने के निर्देश दिए थे लेकिन निर्देश दिए जाने के बाद भी कम्यूनिटी सेंटरों में राजनीतिक कार्यक्रम हुए। इस पर केके यादव ने नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। चीफ इंजीनियर को कहा गया है कि वे सभी कम्यूनिटी सेंटरों को जो नगर निगम के अधीन आते हैं उन्हें बीएंडआर के एक्सईएन अपने कंट्रोल में लें। आर्डर होते ही अधिकारी एक्शन में आ गए।
कोटस...
कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे कोई भी हो। आचार संहिता लागू होने के तुरंत बाद सभी निर्देश जारी किए गए थे। आचार संहिता का पालन सख्ती से होगा। एडिशनल कमिश्नर को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
-केके यादव, आईएएस, कमिश्नर नगर निगम चंडीगढ़