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युद्ध के बजाए शांति, सदभाव और विकास की मांग करें

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युद्ध के बजाय शांति, सद्भाव और विकास की मांग करें
सेक्टर 36 पीपल्स कन्वेंशन सेंटर में संवाद कार्यक्रम का आयोजन
शहीद सैनिकों की याद में दो मिनट का मौन रखा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर 36 स्थित पीपल्स कन्वेंशन सेंटर में युवसत्ता, फासवेक व देशसेवक कालेज आफ एजुकेशन की ओर से संयुक्त तौर पर एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में शहीद सैनिकों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौके पर फॉसवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि राजनीतिक दल वास्तविक मुद्दों पर बात करने के बजाय बिना किसी कारण के धर्म और राष्ट्रवाद के मुद्दे उठा रहे हैं।
चंडीगढ़ के पूर्व डीपीआई (स्कूल) एसके सेतिया ने कहा कि इस नफरत और युद्ध को भड़काने का भारतीय इतिहास में कोई स्थान नहीं है। सभी शांति पसंद लोग एकजुट होकर आगे आएं और राजनीतिक आकाओं से शांति, सद्भाव और विकास की मांग करें। सीनियर वकील रीटा कोहली ने कहा कि किसी भी टकराव के दौरान महिलाओं और बच्चों को अकसर निशाना बनाया जाता है। युवसत्ता के संयोजक प्रमोद शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी की इस 150वीं वर्षगांठ के साल में और नफरत व युद्ध भड़काए जाने के मौजूदा माहौल में हमें न केवल भारत और पाकिस्तान में, बल्कि पूरे दक्षिण-एशिया में स्थायी शांति और सद्भाव के लिए प्यार, आशा और माफी के साथ जीने की भावना फैलानी होगी। देव समाज कालेज आफ एजुकेशन की छात्रा शालिनी ने कहा कि युवाओं को मीडिया चैनल्स, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों को सेंसर करना चाहिए। एक जिम्मेदार नागरिक की तरह किसी खबर की सच्चाई जानने के बाद उसे आगे बढ़ाना चाहिए।
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पीपल्स कंवेन्शन सेंटर के एएस पॉल ने कहा कि भारत को शांति और सद्भाव के लिए द्विपक्षीय वार्ता करने के लिए इमरान खान की पेशकश को स्वीकार करना चाहिए। लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने के प्रयास किए जाने चाहिए। क्षेत्र में उन्नति होगी। समापन संबोधन में डेराबस्सी के गवर्नमेंट कालेज की पूर्व प्रिंसिपल प्रो. गुरदेव कौर ने साहिर लुधियानवी का उदाहरण देते हुए कहा कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता।
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