पीजीआई खबर - 2
पीजीआई में जेपी नड्डा ने
1886 छात्रों को डिग्री दी
-35 डॉक्टरों और छात्रों को गोल्ड मेडल दिया, 126 को दी पीएचडी की डिग्री
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीजीआई के 35वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को रिसर्च एंड एकेडमिक में शानदार प्रदर्शन करने वाले 35 डॉक्टरों और छात्रों को गोल्ड मेडल दिया गया। पीजीआई परिसर स्थित भार्गव ऑडिटोरियम में मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 1886 छात्रों को डिग्री दी। इसके अलावा 126 को पीएचडी की डिग्री दी गई।
तीन अत्याधुनिक सुविधाओं का शुभारंभ
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को तीन अत्याधुनिक सुविधाओं का उद्घाटन किया। इसमें नेफ्रोलॉजी एंड ट्रांसप्लांट केयर यूनिट, एडवांस हाई एनर्जी ट्रिपल एफ, लीनियर एक्सिलेटर और रिसर्च ब्लॉक में 25 करोड़ से तैयार 11 केवी सबस्टेशन शामिल है। नेफ्रोलॉजी एंड ट्रांसप्लांट केयर यूनिट के तीन कार्य क्षेत्र हैं।
पहला : यह छह बिस्तरों वाली गहन देखभाल सुविधा है, जो कि गुर्दे की बीमारी वाले गंभीर रोगियों या जिन्हें गुर्दा प्रत्यारोपण किया गया है, को पूरा करेगा।
दूसरा : नेफ्रोलॉजी की माइनर ओटी इकाई है, जो आधुनिक सुविधा प्रदान करेगा। यह सुविधा फ्लोरोस्कोपी मार्गदर्शन से सुसज्जित होगी, जो वास्तविक समय नियंत्रण और ऐसी प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन की अनुमति देगी।
तीसरा : समर्पित डे केयर इंटरवेंशन रूम है, जहां किडनी बायोप्सी को डे केयर सुविधा के रूप में किया जा सकता है। इससे हर महीने लगभग 170 रोगियों को फायदा होगा।
सारंगुपर प्रोजेक्ट का जल्द काम होगा पूरा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पीजीआई के विस्तार के लिए कार्य किया जा रहा है। सारंगपुर प्रोजेक्ट का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। सरकार इसे लेकर काफी गंभीर है। इसी बीच उन्होंने केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के बारे में भी जानकारी दी।
14 लाख मरीजों को मिला फायदा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना का अब 14 लाख मरीजों को फायदा मिला है। इस पर 400 करोड़ खर्च किए गए हैं। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि ये मेडल और डिग्री आपको काम करने के लिए सपोर्ट करेगी। हालांकि, यह लक्ष्य नहीं है। जब तक अपने काम से आप खुद संतुष्ट न हो जाएं, तब तक आपका काम पूरा नहीं होगा।
डिग्री बांटने का बना रिकार्ड
पीजीआई में इससे पहले 2015 में दीक्षांत समारोह हुआ था। तीन साल तक दीक्षांत समारोह नहीं हो सका। हालांकि, 2019 में जेपी नड्डा की स्वीकृति मिलने के बाद दीक्षांत समारोह की आखिरी तारीख की घोषणा की गई। जेपी नड्डा ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह भले ही पीजीआई का है, लेकिन परीक्षा मेरी ली गई। करीब साढ़े तीन घंटे में 1886 छात्रों और डॉक्टरों को डिग्री बांटी गई। इस दौरान एक-एक डिग्री धारकों को उन्होंने खुद खड़े होकर अपने हाथों से प्रमाणपत्र दिया।