चंडीगढ़। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए प्रदेशभर के करीब 50 हजार किसानों को अभी और इंतजार करना होगा। प्रदेश सरकार ने आश्वस्त किया है कि जून 2022 तक कनेक्शन जारी करने की संभावना है। डिस्काम कंपनियों ने तर्क दिया है कि एक साथ इतनी संख्या में कनेक्शन जारी नहीं किए जा सकते। ऐसे में किसानों को चरणबद्ध तरीके से ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
पिछले कई साल से किसान ट्यूबवेल कनेक्शन की बाट जोह रहे हैं। आवेदन और पैसे जमा कराने के बाद भी किसानों को कनेक्शन नहीं मिल रहे हैं। विधानसभा के बजट सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए प्रदेश के बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने बताया कि 1 जनवरी 2014 से 31 दिसंबर 2018 तक की अवधि के दौरान आवेदन करने वाले 84537 किसानों को डिस्काम द्वारा 31 मार्च 2019 में डिमांड नोटिस भेजे जा चुके हैं। इनमें से 58465 ने 30 हजार रुपये की राशि भी जमा करा दी है। इनमें उत्तर हरियाणा के 22726 और दक्षिण हरियाणा के 35739 किसान शामिल हैं। साथ ही पहले चरण में 18419 आवेदकों को (सबमर्सिबल-मोनोब्लाक), जिन्होंने 5 स्टार (अब 3 स्टार) ऊर्जा कुशल मोटर पंप सेट और बिजली ढांचे की लागत जमा करा दी है, उनको कनेक्शन जारी करने का निर्णय लिया गया है। इनमें से 8152 किसानों को 3 मार्च 2021 तक नलकूप कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। शेष 10267 कनेक्शन वरिष्ठता के आधार पर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा 40 हजार नए नलकूप के आवेदकों को दूसरे चरण में कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि इतनी संख्या में एक साथ कनेक्शन जारी करना बड़ा कार्य है और यह एक या दो साल में नहीं हो सकता। क्योंकि निगमों के पास विद्युत लाइनों को मुख्य रूप से 3 पीरियड अप्रैल से जून के दौरान ही खड़ा किया जा सकता है। क्योंकि इस समय जमीनें खाली रहती हैं और शेष समय में फसलें होती हैं। इसलिए चरणबद्ध तरीके से कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान का कहना है कि वर्षों से किसान ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए धक्के खा रहे हैं। जब किसान के पास बिजली ही नहीं होगी तो खेत तक पानी कैसे पहुंचेगा। सरकारें केवल किसान हितैषी होने का ढोंग करती हैं। सरकारों के ऐसे रवैये के चलते ही आंदोलन होते हैं। सरकार को चाहिए इस बार धान के सीजन से पहले सभी किसानों को कनेक्शन जारी करे।