पंचकूला। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर कुरुक्षेत्र पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के लिए हरियाणा रोडवेज की लांग रूट की बसों का इस्तेमाल किया गया। पंचकूला डिपो से कुल 50 बसें रैली स्थल के लिए भेजी गईं। इनमें से 14 बसें पंचकूला डिपो से रवाना की गईं। प्रशासन की ओर से 34 निजी बसें भी आरटीए के माध्यम से रैली में जुटाई गईं।
ऐसे में रोडवेज की कई नियमित सेवाओं पर असर पड़ा और यात्रियों को हिसार, कैथल, रोहतक, दिल्ली, पंचकूला, कालका, पिंजौर, नरायणगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों में बसों के लिए इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने बताया कि सामान्य दिनों में 15–20 मिनट में बसें मिल जाती थीं लेकिन मंगलवार को उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इससे नौकरीपेशा, विद्यार्थी और ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले यात्रियों को भी असुविधा हुई।
पंचकूला बस स्टैंड पर सुबह से ही लगी भीड़
पंचकूला बस स्टैंड पर सुबह से ही यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं। बसें कुरुक्षेत्र में भेजे जाने के कारण यात्रियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि बसों की कमी के कारण उन्हें ऑटो और निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ा। लोग महंगा किराया देकर गंतव्य तक पहुंचे। कुछ यात्री समय पर बस न मिलने के कारण अपने काम और अपॉइंटमेंट तक मिस कर बैठे।
यात्रियों ने भविष्य में सुधार की मांग की
सांगबीर, नेहा, बलकारो, मनोज गोंद, रीना, हरकेश शर्मा, चरनजीत सिंह और अमृता गिल सहित यात्रियों ने कहा कि भविष्य में किसी राजनीतिक रैली या बड़े कार्यक्रम के दौरान बसों की व्यवस्था इस तरह की जाए कि जनता को असुविधा न हो। उनका कहना है कि रोडवेज की बसें आम लोगों के लिए लाइफ लाइन हैं इसलिए इन्हें पूरी तरह रैलियों में झोंक देने से बचना चाहिए।
रैली समाप्त होने के बाद बसें पंचकूला डिपो लौट आई हैं। बुधवार से रूटीन ताैर पर बसों का संचालन होगा। सभी रूटों पर बसें सामान्य रूप से चलाई जाएगीं। सुखदेव सिंह, जीएम पंचकूला डिपो