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तीन महीने में स्वाइन फ्लू के 52 मरीज

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जब तक मौसम रहेगा नम.. स्वाइन फ्लू नहीं होगा कम
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सबहेड
अब भी दिन का तापमान सामान्य से है नीचे, तीन महीने में स्वाइन फ्लू के 52 मरीज मिले

मार्च का आधा महीना बीता, फिर भी स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से स्वाइन फ्लू इस समय चिंता का विषय बना हुआ है। मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। तीन महीने में अब तक स्वाइन फ्लू के 52 केस सामने आ चुके हैं। इससे पहले साल 2017 में 63 मरीज आए थे, जबकि छह लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में बदलाव और हवा के जरिए इस बीमारी के बढ़ने की मुख्य वजह है। मार्च का आधा महीना बीता चुका है, लेकिन अब भी दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। आमतौर पर 15 मार्च के बाद तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। रविवार को अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था। हालांकि रात के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। शनिवार रात का तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था। 19 मार्च के आसपास एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के आसार बन रहे हैं। यह 20 मार्च को एक्टिव हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक तापमान में बढ़ोतरी नहीं होती, तब तक स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार रहने वाला है। इस स्थिति में लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा 65 साल से ऊपर बुजुर्ग, नवजात, गर्भवती महिलाएं और कैंसर के मरीज हैं।
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इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं
यदि कोई स्वाइन फ्लू से संबंधित जानकारी चाहता है तो वह एनवीबीडीसीपी के हेल्पलाइन नंबर 9779558282 पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर के जरिए इलाज और जांच संबंधी जानकारी हासिल की जा सकती है। चंडीगढ़ के सभी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच और इलाज उपलब्ध है। इसके होने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। लक्षण आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
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लक्षणों को पहचानिए
बुखार और खांसी
गला खराब
नाक बहना या बंद होना
सांस लेने में तकलीफ और बदन दर्द
सिर दर्द, थकान, ठिठुरन, दस्त, उल्टी
बलगम में खून आना
ये लक्षण आए तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें

स्वाइन फ्लू से ऐसे करें बचाव
खांसने और छींकने के दौरान अपनी नाक व मुंह को कपड़े से ढंके
बाहर से आने पर हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं
जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू हैं, वहां से जाने से बचें
भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
फ्लू से संक्रमित हैं तो घर पर ही आराम करें
फ्लू पीड़ित से दूरी बनाकर रखें
पौष्टिक आहार लें और खूब पानी पीएं
तनावमुक्त रहें, शारीरिक रूप से क्रियाशील रहें व अच्छी नींद लें

क्या न करें
गंदे हाथों से आंख, नाक या मुंह को छूना, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना
किसी को मिलने के दौरान गले लगना, चूमना या हाथ मिलाना
बिना डॉक्टर को दिखाए दवा लेना
इस्तेमाल किए हुए नैपकिन, टिशू पेपर इत्यादि खुले में फेंकना
फ्लू वायरस से दूषित रेलिंग, दरवाजे आदि को न छूएं
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना
यहां-वहां थूकने से बचें

कहां कितने केस
प्रदेश केस मौत
चंडीगढ़ 52 2
हरियाणा 982 14
हिमाचल 298 34
पंजाब 517 31
दिल्ली 3362 07
राजस्थान 4551 162
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