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10 - 10 हजार रुपये का काटा 13 चालान

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10-10 हजार रुपये के काटे 13 चालान
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सेक्टर-22 में साढ़े तीन लाख रुपये की 138 बैटरियां जब्त
सेक्टर-19 के सदर बाजार में इलाज के लिए एक व्यक्ति का भी चालान, हुआ हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नगर निगम के इन्फोर्समेंट विंग ने शुक्रवार को 10-10 हजार रुपये के 13 चालान किए और सामान भी जब्त किया। जब्त किया गया सामान वापस नहीं मिलेगा और इसकी आक्शन की जाएगी। सेक्टर-19 में तीन और 20 में छह चालान किए। चार चालान सेक्टर-22 में किए गए। इस दौरान वेंडरों के लाइसेंस भी चेक किए गए, जिनके पास लाइसेंस नहीं थे उनका चालान काटा गया। इन्फोर्समेंट इंस्पेक्टर पुलिस की सुरक्षा में चालान कर रहे हैं। बिल्डंग ब्रांच के एसडीओ बलराज छिकारा ने बताया कि सेक्टर-20 में पार्किंग एरिया में ढाबा चला रहे व्यक्ति का टेबल, कुर्सी और अन्य सामान जब्त किया। जूस की मशीन और बाल्टी के अलावा दो ट्रक सामान जब्त किया गया। सेक्टर-19 में गर्म कपड़े और जैकेट भी जब्त किए गए।
सेक्टर-19 में अपना इलाज कराने डिस्पेंसरी गए एक वेंडर का इन्फोर्समेंट विंग ने 10 हजार रुपये का चालान काट दिया और उसका सामान भी जब्त कर लिया। इन्फोर्समेंट विंग की ओर से अवैध रूप से बैठे वेंडरों का चालान हो रहा है। इन्फोर्समेंट विंग ने सेक्टर-19 स्थित सदर बाजार में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। इस दौरान पारस नाम के एक वेंडर का भी चालान काट दिया। पारस की तबीयत खराब थी इसके लिए वे डिस्पेंसरी में दवा लेने गए थे। जब इलाज कराकर और दवा लेकर वे अपनी जगह पर पहुंचे तो पता चला कि उनका 10 हजार रुपये का चालान काट दिया गया है। साथ उनका सामान भी जब्त कर लिया गया है। इस दौरान दुकानदारों और इन्फोर्समेंट स्टाफ के बीच कहासुनी भी हो गई। पारस का कहना है कि वे लाइसेंस होल्डर हैं। समय पर लाइसेंस फीस भी भरते हैं, फिर भी चालान कर दिया। वे इसके विरोध में अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
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वहीं, सेक्टर-22 में इंस्पेक्टर सुनील दत्त के नेतृत्व में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इस दौरान उन्होंने एक वेंडर से 138 बैटरियां जब्त कीं। इनकी कीमत साढ़े तीन लाख रुपये है। जब्त बैटरियां वापस नहीं होंगी। ये बैटरियां कामर्शियल प्रयोग की जा रही थीं। दुकानों और वेंडरों को यह बैटरी हर रोज किराया पर मिलती थी। इसके अलावा वेंडरों के कपड़े, खिलौने आदि भी जब्त कर उनका चालान किया गया।
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क्या कहते हैं अधिकारी
नगर निगम के बिल्डिंग ब्रांच के एसडीओ बलराज छिकारा का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डाली जा रही थी। उसके बाद 100 नंबर पर पुलिस बुलाई और उसके बाद काम करना शुरू किया। जो व्यक्ति कह रहे हैं कि वे अपना इलाज कराने के लिए डिस्पेंसरी गए थे तो वहां पर खुद न होने पर ब्लड रिलेशन का व्यक्ति जिसमें पत्नी, बेटे का होना जरूरी है। नहीं तो वे अपना काम बंद करके जाएं। जानकारी हासिल की तो पता चला कि उस व्यक्ति ने वह जगह रेंट पर दी हुई थी।

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