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सेकटर 19 अतिक्रमण हटाने का काम जारी

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सेक्टर-19 में अतिक्रमण हटाओ दस्ते के साथ कहासुनी, नारेबाजी
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घरों से बाहर से ग्रीनरी को उजाड़ने से नाराज एक महिला ने ट्रैक्टर की चाबी निकाली
पूर्व मेयर आशा जसवाल और कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला भी पहुंचे
आशा जसवाल भी अधिकारियों पर भड़कीं, कहा-न्यायालय के आदेश दिखाओ

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर-19 में ग्रीनरी के नाम पर अतिक्रमण किए लोगों के घरों के सामने से नगर निगम ने वीरवार को भी कार्रवाई जारी रखी। इस दौरान 74 घरों से अतिक्रमण हटाया गया। अतिक्रमण हटाओ दस्ते की स्थानीय निवासियों से कहासुनी भी हुई। कई बार हंगामे की भी स्थिति बनी। नगर निगम के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की। नगर निगम के कार्रवाई पर राजनीति भी हुई। वीरवार दोपहर के वक्त एरिया पार्षद आशा जसवाल मौके पर पहुंचीं। उस समय सेक्टर-19 डी के महाराष्ट्र भवन के सामने बनी कोठियों के बाहर अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम के हार्टिकल्चर विंग और रोड विंग के कर्मचारी अपने काम में लगे हुए थे। स्थानीय निवासी अरविंदर सिंह बेदी सहित अन्य लोगों के घरों के आगे से अतिक्रमण हटाया जा रहा था।
अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से एक अशोक के पेड़ को जेसीबी से उखाड़ा जा रहा था। इसी बीच पूर्व मेयर आशा जसवाल के पहुंचने पर माहौल एकाएक गरमा गया। पूर्व मेयर हार्टिकल्चर विंग के जेई हरचंद सिंंह पर भड़क उठीं। उन्होंने पुलिस से कहा कि इन्हें हिरासत में लीजिए। पेड़ काटने पर कार्रवाई होती है। इस पर हरचंद सिंह ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इस दौरान हार्टिकल्चर विंग के एक्सईएन केपी सिंह के साथ ही रोड विंग के एक्सईएन रविंदर शर्मा भी पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने उनसे सवाल किया कि किससे पूछकर पेड़ को काटे जा रहे हैं। केपी सिंह ने कहा कि पेड़ काटे नहीं जा रहे बल्कि इन्हें हटाया जा रहा है। उखाड़े जा रहे पेड़ों को रिप्लांट किया जा रहा है।
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आशा जसवाल के पहुंचने पर सेक्टर निवासियों को बल मिल गया। लोग कहने लगे कि निगम के अधिकारियों के पास पेड़ उखाड़ने के लिए उच्च न्यायालय का कोई आदेश नहीं हैं, लेकिन इन्होंने वर्षों पुराने पेड़ों को जेसीबी से तहस नहस कर दिया। एक तरफ अधिकारी शहर में पेड़ लगाने की बातें करते हैं तो दूसरी ओर इन्हें नष्ट किया जा रहा है। आशा जसवाल भी निगम अधिकारियों व कर्मचारियों से बहस पड़ीं। पूर्व मेयर ने कहा कि पहले न्यायालय के आदेश दिखाओ, जहां पेड़ों को हटाने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय ने अवैध कब्जे हटाने को कहा है तो उसे हटाओ। इसी बीच नजदीक के नूरदीप विला में रहने वाली महिला ने आक्रोश में आकर न केवल निगम के बागवानी विभाग के जेई को बुरा भला कहना शुरू कर दिया बल्कि विभाग के ट्रैक्टरों में लदे पेड़ों को ले जाने से रोकने के लिए दो ट्रैक्टरों में से एक की चाभी निकाल ली। हालांकि, बाद में पुलिस के कहने पर चाबी लौटाई।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि एक तो लोगों ने सरकारी जमीन पर 25 साल से कब्जा जमाकर एक कनाल जमीन को आलीशान गार्डन बना रखा है। अब जब हटाया जा रहा है तो निगम को कोस रहे हैं। वहीं, कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला भी मौके पर पहुंचे और अपनी बात रखी। कांग्रेस प्रदेश सचिव राजीव मोदगिल ने कहा कि भाजपा पार्षद को कल से लोग बुला रहे थे, लेकिन आज पहुंचीं।

कोट...
उखाड़े जा रहे पेड़ों को रिप्लांट किया जा रहा है। बुधवार को 85 पेड़ों कोे रिप्लांट किया गया। वीरवार को 96 पेड़ों को अलग-अलग पार्कों में रिप्लांट किया गया है। पेड़ों को काटा नहीं जा रहा है बल्कि उसे उखाड़कर रिप्लांट किया जा रहा है। यह अभियान जारी रहेगा।
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-केपी सिंह, एक्सईएन, हार्टिकल्चर विंग नगर निगम

कोट...
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जब तक सभी घरों से अतिक्रमण हट नहीं जाएगा, अभियान जारी रहेगा। सेक्टर-19 के बाद शहर के अन्य सेक्टरों से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
-रविंदर शर्मा, एक्सईएन रोड विंग नगर निगम
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