छोड़के मुझको जा सकते हो, दिल से मेरे जाकर देखो...
प्रसिद्ध गायिका कंचन भल्ला ने सेक्टर- 16 के गांधी स्मारक भवन में शानदार गजल पेश कर श्रोताओं को कियामंत्रमुग्ध
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़ । गांधी स्मारक भवन सेक्टर-16 के सभागार में बुधवार को गुलदस्ता-ए-गजल कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी व गांधीवादी नेता डॉ. गोपीचंद भार्गव को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष केके शारदा ने की। आए हुए लोगों का स्वागत गांधी स्मारक भवन के डायरेक्टर डॉ. देवराज त्यागी ने किया। आचार्यकुल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम विज ने आए हुए लोगों का धन्यवाद किया।
प्रसिद्ध गायिका कंचन भल्ला ने गजलकार अशोक भंडारी नादिर, प्रेम विज, चमन शर्मा चमन, केदार नाथ केदार, राजवीर राज, सतनाम सिंह, सरदारीलाल धवन और कुलवंत सिंह रफीक की गजलें प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने प्रेम विज की गजल छोड़के मुझको जा सकते हो, दिल से मेरे जाकर देखो.. प्रस्तुत कर समा बांध दिया। डॉ. गोपी चंद भार्गव को याद करते हुए केके शारदा ने कहा कि डॉ. भार्गव ने स्वतंत्रता आंदोलन तथा बाद में संयुक्त पंजाब के मुख्यमंत्री रहते हुए खादी संस्थाओं की स्थापना की तथा गांधी जी के सिद्धांतों का प्रचार किया। प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. एमएम जुनेजा, अरुण जोहर ने भी विचार व्यक्त किए। पंजाब में खादी एवं गांधीवादी संस्थाओं के जनक के रूप में डॉ. गोपीचंद भार्गव को याद किया जायेगा। इस अवसर पर शम्स तबरेजी, नवीन नीर, प्रज्ञा शारदा, कंचन त्यागी, राज विज, पापिया चक्रवर्र्ती, रमेश बल, सुभाष गोयल एवं अन्य लोग उपस्थित हुए।