चंडीगढ़ का एक मात्र जीएनएम कोर्स बंद
- जीएमएसएच-16 से संचालित होता था कोर्स
- अधिकारी बोले, नर्सिंग एजुकेशन की क्वालिटी बढ़ाने के लिए उठाया गया कदम
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच में 17 साल से संचालित हो रहे जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) कोर्स को बंद कर दिया है। इस बारे में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से आर्डर जारी कर दिए हैं। कुल 20 सीटों वाले इस कोर्स के जो बैच चल रहे हैं, वे चलते रहेंगे। इस साल कोई भी नया एडमिशन नहीं किया जाएगा। इससे नर्सिंग की तैयारी कर रही छात्राओं को झटका जरूर लगा है। डिप्लोमा कोर्स होने के कारण उन्हें थोड़ी सी मेहनत करने के बाद नौकरी मिल जाया करती थी। साथ ही यह कोर्स काफी सस्ता था। रहने के लिए हॉस्टल था और इसका प्लेसमेंट भी अच्छा था।
इस बारे में डायरेक्टर प्रिंसिपल बीएस चवन का कहना है कि कोर्स को बंद करने का मकसद नर्सिंग एजुकेशन की क्वालिटी को बढ़ाना है। बीएससी के पाठ्यक्रम में इसे मर्ज किया जा रहा है। इस बारे में मंत्रालय और नर्सिंग काउंसिल की ओर से निर्देश आए थे। उसके बाद इस बारे में एक कमेटी गठित कर राय मांगी गई कि आखिर इसे बंद किया जाए या नहीं। इस बारे में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जीएनएम कोर्स को बंद कर देना चाहिए।
चंडीगढ़ में सिर्फ एक ही जीएनएम का कालेज था
बताया गया कि चंडीगढ़ में जीएनएम का सिर्फ एक ही स्कूल था, जो जीएमएसएच 16 से संचालित होता था। इसकी बिल्डिंग 16 के हास्पिटल में थी, मगर कोर्स की पढ़ाई मेडिकल कालेज सेक्टर-32 में होती थी। बीएससी की पढ़ाई के लिए दो कालेज हैं। 20 सीटों वाले इस कोर्स की पढ़ाई के लिए अधिकतर वे लड़कियां अप्लाई करती थीं, जो जल्द अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती थीं। जीएनएम करने के बाद अधिकतर स्टूडेंट को नौकरी भी मिल जाती थी। कई लड़कियां विदेश में नौकरी कर रही हैं तो कई पीजीआई में तैनात है। कुछ को जीएमएसएच-16 में नौकरी मिली हुई।
जिनका एडमिशन है, उनकी पढ़ाई जारी रहेगी
कोर्स को बंद करने के आदेश में बताया गया है कि नए एडमिशन पर रोक है। जो दूसरे व तीसरे साल में हैं, कोर्स खत्म होने तक उनकी पढ़ाई जारी रहेगी। कालेज के टीचर व स्टाफ को हास्पिटल में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि कोर्स बंद होने से स्टाफ थोड़ा परेशान है। उनका कहना है कि उनका इस कालेज से काफी पुराना नाता है। काफी कोशिशों के बाद इसे शुरू किया गया था।