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मनप्रीत बादल पर चले किसानों की खुदकुशी का केस : मजीठिया

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मनप्रीत बादल पर चले किसानों की खुदकुशी का केस : मजीठिया
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बोले, कांग्रेस चुनाव मैनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन थे मनप्रीत
120 किसानों की मौत की जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते वित्त मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने कहा है कि पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के खिलाफ किसानों को खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज होना चाहिए। कांग्रेस पार्टी के चुनाव मैनिफेस्टो में किसानों से झूठा कर्ज माफी का वादा कर उनसे धोखाधड़ी की गई है।
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वीरवार को एक बयान में पूर्व मंत्री और शिअद के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि चुनाव मैनिफेस्टो मनप्रीत बादल ने तैयार किया था। वे केवल मैनिफेस्टो बनाने वाली कमेटी के ही चेयरमैन नहीं थे बल्कि उन्होंने दावा किया था कि चुनाव मैनिफेस्टो तैयार करने में उन्हें छह महीने लगे थे। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि मनप्रीत बादल ने लंबी सोच विचार के बाद मुकम्मल कर्ज माफी की मद मैनिफेस्टो में शामिल की थी।, इसलिए अब वे 120 किसानों की मौत की जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते, जिन्होंने यह जानने के बाद आत्महत्या कर ली कि मनप्रीत बादल का कर्ज माफी वाला वादा पूरा करने का कोई इरादा नहीं है। मनप्रीत बादल को सूबे के किसानों और मजदूरों की मौजूदा हालत के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए मजीठिया ने कहा कि वित्त मंत्री ने राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों के अलावा आढ़तियों का सारा कर्ज माफ करने का वादा किया था। मनप्रीत अच्छी तरह जानते थे कि यह कर्ज की राशि 90 हजार करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि मनप्रीत पहले भी सूबे के वित्त मंत्री रह चुके हैं, इसलिए सूबे की वित्तीय हालत से वे अच्छी तरह वाकिफ थे। इसका साफ अर्थ है कि उन्होंने जानबूझकर विभिन्न तरह के हथकंडे अपनाए, जिनमें किसानों से कर्ज माफी के फार्म भरवाना शामिल है। उससे यह भरोसा दिलाया गया कि वे अपना वादा निभाएंगे, जबकि उन्होंने किसानों को मूर्ख बनाया और उन्हें खुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया।
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