18 लाख को रोजगार, सभी को घर और 24 घंटे बिजली का सपना
- हरियाणा सरकार ने प्रदेश को संवारने के लिए तैयार किया विजन-2030
- सूबे को किस तरह आगे ले जाएगी सरकार, तीन चरणों में तय किए टारगेट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश की सूरत और हालातों को बदलने का संकल्प लिया है। सरकार चाहती है कि 2030 तक राज्य देश के विकसित राज्य के रूप में उभरे। इसके लिए सरकार ने हरियाणा विजन-2030 दस्तावेज तैयार कर एक सपना देखा है। इस सपने में हर वर्ग के बहुत कुछ तय किया गया है।
हरियाणा निवास में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा विजन-2030 दस्तावेज का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों और संयुक्त राष्ट्र के रेजीडेंट कोर्डिनेटर (एआई) डिएगो पलासिस समेत मंत्रीगण भी मौजूद रहे। हरियाणा विजन-2030 दस्तावेज के अंतर्गत आर्थिक, पर्यावरण और सामाजिक बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए 17 लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निर्धारित किया गया है।
हरियाणा विजन-2030 दस्तावेज में लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तीन चरण भी निर्धारित किए हैं जिसमें पहला चरण वर्ष 2019, दूसरा चरण वर्ष 2022 और तीसरा चरण वर्ष 2030 निर्धारित किया गया है।
प्रदेश के वित्त एवं योजना मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा, सरकार ने संयुक्त सतत विकास के तहत हरियाणा विजन-2030 दस्तावेज व्यापक रूप में तैयार किया है। इस मौके पर हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने हरियाणा विजन-2030 दस्तावेज को तैयार करने के संबंध में जानकारी दी। वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी. राघवेंद्र राव ने हरियाणा विजन-2030 दस्तावेज के बारे में एक प्रस्तुति दी।
इन लक्ष्यों से हरियाणा की तस्वीर बदलेगी सरकार
- वर्ष 2030 तक जीएसडीपी वृद्धि दर को 9.8 प्रतिशत व प्रति व्यक्ति आय को 8 लाख 24 हजार 351 करना
- प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्लस्टर का विकास करना
- कार्यबल में महिलाओं की 30 प्रतिशत की भागीदारी सुनिश्चित करना
- 18 लाख को रोजगार, 24 घंटे बिजली और पांच लाख व्यक्तियों को तकनीकी शिक्षा में निपुण करना
- पर्यावरण बिंदु के तहत वर्ष 2030 तक कूड़ा-कचरा संग्रहण, शौचालय और सीवरेज व्यवस्था करना
- 20 ई-वेस्ट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाना
- नवीकरणीय ऊर्जा का कुल ऊर्जा में 14.5 प्रतिशत का हिस्सा सुनिश्चित करना
- कृषि अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध करना
- 400 क्लाईमेट स्मार्ट गांवों की स्थापना और गिरते भू-जल स्तर पर रोकथाम करना
- वर्ष 2030 तक बच्चों में कुपोषण को समाप्त करना
- सभी के लिए आवास, एक लाख पैदा हुए जीवित बच्चों पर मातृत्व मृत्यु दर 70, एक हजार पैदा हुए जीवित बच्चों पर मृत्यु दर 12 करना
- प्री-प्राइमरी स्तर पर बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, प्राइमरी स्तर पर सकल नामांकन अनुपात 97, सेकेंडरी स्तर पर सकल नामांकन अनुपात 95, बीच में स्कूल छोड़ने की दर शून्य करना
- महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में कमी लाने को निर्धारित किया गया है।