पिंजौर। पिंजौर में एक आवासीय प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार के शासन काल में गरीबों के उत्थान के लिए बनाया था। लेकिन भाजपा की मौजूदा सरकार की अनदेखी के चलते उसका लाभ आज तक गरीबों को नहीं मिल सका।
प्रदीप चौधरी पूर्व विधायक कालका ने बताया कि पिंजौर में पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने 13 वर्ष पहले दिसंबर 2012 में आवासीय योजना के अंतर्गत गरीबों के लिए 24 मकानों का उद्घाटन किया था। आज तक मौजूदा भाजपा सरकार गरीबों को अलॉट नहीं कर पाई।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन इन 24 मकानों को गरीबों को अलॉट तो कर नहीं पाई उल्टा वहां पर कूड़ा कबाड़ जमा करके उसे डंपिंग स्टेशन बना दिया है। नगर परिषद की ओर से ट्रॉलियों में भरकर वहां पर कबाड़ गिराया जा रहा है। गरीबों के लिए बने इन मकानों की देखरेख न होने के कारण इनकी हालत काफी खराब हो चुकी है। इनकी रिपेयर पर पहले पैसा भी खर्च किया जा चुका है। परंतु इन्हें गरीबों को अलॉट न करके सरकारी पैसे की बर्बादी की जा रही है।
बहुत से गरीब ऐसे हैं जिन्हें इतनी ज्यादा महंगाई में मकान की छत तक नसीब नहीं हो रही है लेकिन सरकार इन्हें अलॉट करने में कोई रुचि नहीं दिखा रही। परिसर में एक सामुदायिक केंद्र व एक बहुउद्देशीय साधना कक्ष भी निर्मित है।
पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने बताया कि मकानों के प्रांगण में कबाड़ गिराने को लेकर जब उन्होंने जरनैल सिंह ईओ नगर परिषद से बात की तो ईओ ने उन्हें बताया कि अंबेडकर जयंती के चलते कुछ अस्थाई सामग्री वहां रखी जा रही है। जल्द ही इसे हटा दिया जाएगा। पूर्व विधायक ने कहा कि यह मात्र बहानेबाजी है और अगर मकानों का उपयोग सही तरीके से होता तो आज यहां कूड़े का ढेर नहीं जमा होता।