सीनियर सिटीजंस और शारीरिक रूप से असमर्थ वोटरों के लिए अच्छी खबर है। वे वोटिंग के दिन ईवीएम का बटन दबाने के लिए किसी साथी की मदद ले सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें पहले बूथ अधिकारी की मंजूरी लेनी होगी। बुजुर्ग या दिव्यांग मतदाता साथी को ईवीएम वाले केबिन में ले जा सकते हैं और उससे उनकी तरफ से बताए चुनाव चिन्ह का बटन दबवा सकते हैं।
मुख्य चुनाव अधिकारी अजोए कुमार सिन्हा ने बताया कि वह व्यक्ति जो वोटिंग करने में शारीरिक रूप से असमर्थ है उसको एक साथी की मदद दी जाएगी। संबंधित वोटर के साथी को गोपनीयता का फार्म बूथ सेंटर पर भरना होगा। मदद करने वाला वोटर का जानने वाला होना चाहिए। साथ ही किसको वोट दिया है, इसका जिक्र वह किसी से नहीं करेगा।
ब्लड रिलेशन वालों को दी जाएगी प्राथमिकता
इलेक्शन कमीशन के प्रिजाइडिंग अफसरों के लिए जारी की गई बुकलेट नंबर तीन में यह सुविधा दी गई है। हालांकि साथी का किसी भी राजनीतिक पार्टी से सीधा कोई संबंध नहीं होना चाहिए। वहीं, ऐसे साथी के तौर पर ब्लड रिलेशन वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। चुनाव आयोग ने इस बारे में सभी बूथ अधिकारी और वोटरों को जागरूक करने की हिदायत जारी की है।
दो उंगली में लगेंगी स्याही
साथ जाने वाले मददगार की भी उंगली में स्याही लगाई जाएगी। वहीं जब वह अपना वोट देगा तो भी स्याही लगाई जाएगी। चुनाव अधिकारी ने बताया कि मदद करने वाले की उंगली में स्याही लगाई जाएगी। जब वह अपना वोट देने जाएगा तो उससे इस संबंध में पूछा जाएगा और फिर उसकी दूसरी उंगली में स्याही लगाई जाएगी।
चुनाव आयोग भी करेगा मदद
19 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव में एनसीसी और एनएसएस के वालंटियर भी मदद करेंगे। पोलिंग बूथों पर दिव्यांग व बुजुर्ग वोटरों को इस बार चुनाव आयोग से भी पूरी मदद मिलेगी। प्रत्येक बूथ पर दिव्यांग और बुजुर्गों के चढ़ने के लिए रैंप तैयार किए गए हैं। साथ ही वोटिंग वाले दिन पिक एंड ड्रॉप की सुविधा में दी जाएगी।