(फोटो - वर्मा जी और मेरे ट्रैक पर)
बिजनेस स्टडीज पेपर से कहीं खुशी कहीं गम
-सीबीएसई 12वीं के बिजनेस स्टडीज पेपर में लेंथी और कुछ ट्रिकी सवालों से निराश दिखे कुछ स्टूडेंट्स
कुछ छात्र बोले- एक या दो सवालों को छोड़कर आसान था पेपर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) 12वीं के बिजनेस स्टडीज का पेपर वीरवार को हुआ। कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए यह काफी महत्वपूर्ण एग्जाम माना जाता है। परीक्षा देकर बाहर निकले कुछ छात्र काफी खुश नजर आए, वहीं कुछ के चेहरे लटके हुए थे। छात्रों ने कहा कि पेपर थोड़ा लेंथी था और कुछ प्रश्न काफी ट्रिकी थे, लेकिन सारे प्रश्न एनसीईआरटी की किताब से ही थे। वहीं कुछ छात्रों का कहना था कि सीबीएसई के दूसरे पेपर्स की तरह यह पेपर भी आसान था।
शहर के परीक्षा केंद्रों पर पेपर सुबह 10.30 बजे शुरू होकर दोपहर 1.30 बजे तक चला। छात्रों को सुबह 10 बजे सेे पहले ही परीक्षा केन्द्र पहुंचना था। 10.15 बजे छात्रों को पढ़ने के लिए क्वेश्चन पेपर बांट दिए गए थे। परीक्षा को लेकर छात्रों में अलग अलग राय देखने को मिली। कुछ छात्रों ने बताया कि पेपर न ज्यादा कठिन था और न ज्यादा आसान। केवल एक या दो सवाल कठिन थे बाकी पेपर आसान था। केस स्टडी थोड़ी लंबी थी। इसकी वजह से थोड़ा ज्यादा समय लगा। वहीं कुछ ने कहा कि प्रिंसिपल ऑफ मैनेजमेंट के प्रश्न थोड़े घुमाफिरा कर पूछे गए थे।
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च्वॉइस और सेक्शन ने पेपर किया आसान
इस बार के पेपर में 9 च्वॉइस बेस्ड प्रश्न आए थे। इस वजह से स्टूडेंट्स को काफी मदद मिली। कंफ्यूजन से बचने के लिए इस बार नंबर्स को सेक्शन में बांटा गया था। ओवरऑल पेपर आसान था। बच्चे खुश हैं। केस स्टडी में बच्चों को थोड़ा समय लगा। कुछ बच्चों ने कहा कि 6 नंबर का प्रश्न कठिन रहा। - अंजू, बिजनेस स्टडीज टीचर
क्या कहते हैं स्टूडेंट्स
एक-दो सवालों में कठिनाई हुई
मैंने पेपर समय पर खत्म कर लिया लेकिन मुझे 1-2 सवालों में कठिनाई महसूस हुई। बाकी पेपर आसान था। - जय, छात्र
आसान था पेपर
पेपर आसान था। एक अंक का केवल एक सवाल ज्यादा कठिन था। इसके अलावा एक तीन अंक का सवाल भी कठिन था। - रिषभ, छात्र
जैसा सोचा वैसा नहीं था पेपर
सेक्शन ई काफी लंबा था। मैंने घंटी बजने से 5 मिनट पहले अपना पेपर पूरा कर लिया। पेपर अच्छा था लेकिन जैसा सोचा वैसा नहीं था। - गौरव, छात्र
ओवरऑल आसान था पेपर
पेपर में सारे प्रश्न एनसीइआरटी की किताब से आए थे। कुछ भी आउट ऑफ सिलेबस नहीं था। ओवरऑल पेपर आसान था। - कमलप्रीत, छात्र