बायपोलर डिसआर्डर के मरीज का तनाव बढ़ा सकती है शादी
सबहेड
पीजीआई के मनोचिकित्सक डिपार्टमेंट की स्टडी में खुलासा, 23.3 प्रतिशत मरीजों में दोबारा लौटी बीमारी
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। मूड डिसआर्डर नाम से जाने जाने वाले मानसिक रोग बायपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति के लिए शादी तनाव का काम कर सकती है। पीजीआई के मनोचिकित्सक डिपार्टमेंट ने अपनी एक स्टडी में पाया है कि बायपोलर डिसआर्डर के मरीजों की शादी के बाद उनमें दोबारा से बीमारी लौटने के लक्षण पाए गए हैं। करीब 23.3 प्रतिशत मरीजों में ऐसा देखने को मिला है। साथ ही 24.7 फीसदी मरीजों में बांझपन भी पाया गया है। यह स्टडी जुलाई 2016 से लेकर फरवरी 2017 तक आए करीब 219 मरीजों में की गई है। हाल ही में यह स्टडी एशियन साइक्रेट्री जरनल में प्रकाशित हुई है। स्टडी के दौरान यह भी देखने को मिला है कि करीब एक चौथाई मरीजों ने अपने जीवनकाल के दौरान कम से कम एक बार आत्महत्या करने की कोशिश भी की।
पीजीआई की स्टडी के मुताबिक कई अन्य देशों की स्टडी में भी पीड़ितों की शादी के बाद दोबारा से बीमारी लौटने के प्रमाण मिले हैं। उनमें भी बताया गया है कि विवाह के बाद मरीजों में तनाव आ सकता है। मौजूदा स्टडी के मुताबिक 75 फीसदी मरीजों का एक बच्चा, जबकि दो तिहाई जोड़ों के दो या उसके अधिक बच्चे रहे हैं। 24.7 फीसदी में बांझपन देखने को मिला, जबकि 6.8 फीसदी मरीजों ने बताया कि वे गर्भधारण की कोशिश कर रहे थे, लेकिन असमर्थ रहे। शोधकर्ताओं ने अपने रिसर्च पेपर में बताया है कि इन मरीजों में बांझपन का अनुपात एनएफएचएस-3 में आए डाटा के मुकाबले 13 गुना ज्यादा है।
क्या होता है बायपोलर डिस्आर्डर
मनोचिकित्सक के मुताबिक बायपोलर को मूड डिसआर्डर भी माना जाता है। इसके चार स्टेप होते हैं। सीवियर डिप्रेशन, नॉर्मल मूड, हाइपोमेनिया और मेनिया या मेनिक साइकोसिस। पहले स्टेज में पीड़ित बहुत गहरे अवसाद में होते हैं। पीड़ित मरीज को कुछ भी अच्छा नहीं लगता। दूसरी स्टेज में पीड़ित का मूड स्थिर होता है, मगर हाइपोमेनिया की स्थिति आने पर पीड़ित बहुत ज्यादा खुश रहता है। वह पहले से ज्यादा नरमदिल और दयालु बन जाता है। कई बार वह जरूरत से ज्यादा दानपुण्य करने लगता है। चौथी स्टेज मेनिया या मेनिक साइकोसिस की होती है और इसमें रोगी की खुशी की पराकाष्ठा होती है। वह खुद को राजा-महाराजा समझने लगता है। भावनाओं में बहकर वह अपनी संपत्ति को दूसरों के नाम भी कर सकता है। इस स्थिति में पीड़ित की निर्णय क्षमता प्रभावित हो जाती है। कई बार वह अपने क्रियाकलापों को लेकर हाइपर एक्टिव हो जाता है।
कई प्रमुख हस्तियां हो चुकी हैं इस बीमारी को शिकार
मूड डिसऑर्डर के नाम से जाने जानेवाले मानसिक रोग बायपोलर डिसऑर्डर ने कई जाने-माने कलाकारों को अपना शिकार बनाया है। इसमें प्रमुख रूप से रैपर हनी सिंह, शमा सिकंदर। हालीवुड की कलाकार मर्लिन मुनरो, मेल गिब्सन जैसे कई कलाकार इस बीमारी की गिरफ्त में रहे हैं।