नोएडा और रोहतक के ध्यानार्थ
जजों की कमी से जूझ रहा पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
वर्तमान में 85 पद मंजूर लेकिन केवल 47 जज ही नियुक्त
हाल ही में जस्टिस सूर्यकांत को चीफ जस्टिस बनाकर हिमाचल भेजा गया, जस्टिस एमएमएस बेदी जौर जस्टिस जसपाल सिंह हुए रिटायर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की प्रतिवर्ष आने वाली करीब डेढ़ लाख केस और लंबित करीब तीन लाख केस का दबाव झेल रहा पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट जजों की कमी से जूझ रही है। हाईकोर्ट के लिए मंजूर पदों की संख्या 85 है जबकि काफी लंबे अरसे से जजों की संख्या का आंकड़ा 55 भी पार नहीं कर पाया है।
इससे पहले हाईकोर्ट में जजों के मंजूर पदों की संख्या 65 होती थी। तब काम के दबाव को देखते हुए मंजूर पदों की संख्या बढ़ा कर 85 कर दी गई। कागजों में यह आंकड़ा तो बढ़ गया लेकिन जजों की संख्या पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। पिछले करीब 5 साल में जजों की संख्या का आंकड़ा 55 से आगे नहीं बढ़ रहा है। वर्तमान में स्थिति और भी बदतर है। हाईकोर्ट में जजों की संख्या सितंबर के आखिर तक 50 थी। इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत हिमाचल प्रदेश के चीफ जस्टिस बनकर चले गए और फिर जस्टिस जसपाल सिंह और जस्टिस एमएमएस बेदी रिटायर हो गए। अब जजों की संख्या का आंकड़ा 47 पर पहुंच गया है। वर्तमान में 40 प्रतिशत से अधिक जजों के पद रिक्त पड़े हैं। जस्टिस टीपीएस मान और जस्टिस अनीता चौधरी दिसंबर में सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
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11 नाम भेजे गए थे कोलेजियम ने चार नाम ही मंत्रालय को भेजे
सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा भेजे गए 11 नामों में से अभी केवल 4 को आगे मंत्रालय को भेजने का फैसला लिया है। हरसिमरन सिंह, मंजरी नेहरू कौल, अरुण कुमार और मनोज बजाज के नाम हाईकोर्ट का जज बनने के लिए विचाराधीन हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट ने सुकांत गुप्ता, जसदीप सिंह गिल, सुनील कुमार पवार, दीपेंदर सिंह नलवा और हर्ष बुंगड़ के नाम पर बाद में गौर करने का निर्णय लिया था।