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आदेशों की पालना संबंधी एफिउेविट दाखिल करने के आदेश

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डीपीसी की फाइनल रिपोर्ट पर शपथपत्र 30 को दाखिल करने के आदेश
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- पुलिस इंस्पेक्टरों की ओर से केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में दायर अवमानना याचिका पर हुई सुनवाई
- प्रशासन की ओर से पेश हुए स्टैंडिंग काउंसिल ने कहा-विभाग ने नाम फाइनल कर भेज दिए हैं प्रशासक को

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टरों की ओर से यूटी प्रशासन और पुलिस विभाग के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर वीरवार को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में सुनवाई हुई। यूटी प्रशासन की ओर से पेश हुए सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल ने बेंच को बताया कि विभाग ने कुछ इंस्पेक्टरों की प्रमोशन के लिए डीपीसी कर नाम प्रशासक के पास अंतिम फैसला लेने के लिए भेज दिए हैं। इस पर बेंच ने यूटी प्रशासन को अगली सुनवाई पर आदेश के पालन संबंधी एफिडेविट फाइल करने के आदेश दिए हैं। केस की अगली सुनवाई 30 जनवरी को होगी।
इससे पहले सुनवाई के दौरान बेंच ने यूटी प्रशासन की ओर से पेश हुए स्टैंडिंग काउंसिल से जवाब मांगा कि अब तक उनके आदेशों की पालना क्यों नहीं हुई है। इस पर बेंच को अवगत कराया गया कि डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की ओर से कुछ इंस्पेक्टरों की प्रमोशन के लिए नाम फाइनल कर यूटी प्रशासक को भेज दिए हैं। उनकी ओर से अंतिम मुहर लगते ही इंस्पेक्टरों की डीएसपी पद पर प्रमोशन कर दी जाएगी। बेंच ने इस पर सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल को अगली सुनवाई 30 जनवरी को आदेशों की पालना संबंधी एफिडेविट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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वहीं, बेंच ने दानिपस कैडर के डीएसपी को अब तक वापस न भेजे जाने को लेकर भारत सरकार की ओर से पेश हुए वकील से जवाब मांगा तो उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने उनके ट्रांसफर आदेश पहले ही जारी कर दिए हैं। यूटी प्रशासन की ओर से उन्हें रिलीव नहीं किया जा रहा है। इसके जवाब में यूटी स्टैंडिंग काउंसिल ने बेंच को बताया कि यहां अभी पुलिस अधिकारियों की कमी है और लॉ एंड आर्डर मेंटेन करने के लिए फिलहाल उन्हें रिलीव नहीं किया जा गया है। जैसे ही डीपीसी की सिफारिश रिपोर्ट पर अंतिम मुहर लग जाएगी और इंस्पेक्टरों को प्रमोट कर डीएसपी बना दिया जाएगा तो वैसे ही दानिपस कैडर के पुलिस अधिकारियों को रिलीव कर दिया जाएगा।
इस पर बेंच ने अगली सुनवाई तक आदेशों की पालना संबंधी एफिडेविट दाखिल न करने पर प्रतिवादी पक्ष की ओर से गृह सचिव समेत अन्य को इन पर्सन कोर्ट में पेश होने के आदेश पारित करने की बात कही है। बता दें कि यूटी पुलिस के तीन इंस्पेक्टरों चरणजीत सिंह, गुरमुख सिंह और दिलशेर सिंह की ओर से कैट के आदेशों की पालना न करने पर यूटी प्रशासन और पुलिस विभाग के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई थी।
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डीएसपी की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दिया प्रशासन को दिया अंतिम मौका
डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल की ओर से सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) के पद पर प्रमोशन संबंधी अपील पर भी वीरवार को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में सुनवाई हुई। राम गोपाल ने 14 नवंबर 2017 को ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। इसमें यूटी प्रशासक, प्रशासक के सलाहकार, गृह सचिव और डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस को प्रतिवादी पक्ष बनाया गया था। ट्रिब्यूनल मामले में याचिका दायर करने के बाद से लेकर अब तक प्रतिवादी पक्ष को तीन बार जवाब दाखिल करने के लिए समय दे चुका है। इसके बावजूद यूटी प्रशासन की ओर से जवाब दाखिल न करने पर ट्रिब्यूनल ने वीरवार को सख्ती दिखाते हुए प्रतिवादी पार्टी को जवाब दायर करने को अंतिम वक्त दिया है। ट्रिब्यूनल ने यूटी प्रशासन को 1 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके साथ ही ऐसा न करने पर अगली सुनवाई पर कड़ा रुख अपनाने को कहा है।
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