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पांच हजार स्टूडेंट्स हो गए हैं ड्राप आउट

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शहर में पांच हजार स्टूडेंट्स 2017 में हो गए ड्राप आउट
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- शिक्षा विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में आया सामने
- अभी तक शिक्षा विभाग ड्राप आउट पर नहीं लगा पाया रोक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शहर के स्कूलों में ड्राप आउट स्टूडेंट्स लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चाइल्ड मैपिंग सर्वे के दौरान ड्राप आउट स्टूडेंट्स शहर में बढ़ गए हैं। इस बार शहर में पंाच हजार स्टूडेंट्स के ड्राप आउट के मामले सामने आएं हैं। वहीं, शिक्षा विभाग इन स्टूडेंट्स को वापस स्कूल लाने में फेल हो गया है। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर चाइल्ड मैंपिंग सर्वे कराया गया। इसमें एक महीने तक टीचर्स ने यह सर्वे गांव और सेक्टर के 115 स्कूलाें में जाकर किया। इस सर्वे में पांच से अठारह वर्ष के स्टूडेंट्स को शामिल किया गया। इसमें कुल पांच हजार बच्चे स्कूल से ड्राप आउट मिले। इस तरह के हालात में स्टूडेंट्स का क्या भविष्य होगा। यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। यह हालात मॉडल के साथ नॉन मॉडल स्कूलों में भी बने हुए हैं। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के डीएसई रूबिंदर जीत सिंह बराड़ ने बताया कि स्कूलाें में यह सर्वे किया जा रहा है। यह सर्वे इसलिए कराया जा रहा है कि स्टूडेंट्स को स्कूल में वापस लाने का प्रयास किया जाएगा। स्टूडेंट्स को पहली से आठवीं तक पूरी तरह शिक्षा मुफ्त है। इसलिए जो स्टूडेंट्स पढ़ना चाहे वह वापस आ सकते हैं। हम स्टूडेंट्स को बेहतर एजुकेशन देने का प्रयास कर रहे हैं। इस सर्वे में सेक्टरों और गांवों के स्कूल शामिल है। शिक्षा विभाग की ओर से हर साल यह दावे किए जाते हैं कि हम एक भी स्टूडेंट्स को ड्राप आउट नहीं होने देंगे। लेकिन हकीकत में इस पर कोई रोक नहीं हैं।
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शिक्षा विभाग चाइल्ड मेंपिंग सर्वे करवा रहा है। शहर के ड्राप आउट स्टूडेंट्स को वापस लाने के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही हम इस सर्वे केे बाद क्वालिटी एजूकेशन बच्चों को देने का प्रयास करेंगे।
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रूबिंदर जीत सिंह बराड़, डीएसई, चंडीगढ़ शिक्षा विभाग
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