पिंजौर। साइबर ठगों ने एक युवक के फेसबुक एकाउंट से जानकारी लेकर उसी नाम से मिलता-जुलता दूसरा एकाउंट बनाकर युवक को दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। इसके बाद परेशानी बताकर उसके दोस्तों से पैसों की मदद मांगी। कुछ दोस्तों ने साइबर ठगों के झांसे में आकर गूगल-पे अकाउंट पर तकरीबन 28 हजार रुपये ट्रांसफर किए। युवक से जब उसके दोस्तों ने परेशानी का कारण पूछा तो मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित ने दोस्तों को आगाह करने के साथ ही इसकी शिकायत पुलिस को दी है।
पिंजौर निवासी दिनेश कुमार का कहना है कि उनका फेसबुक पर एकाउंट है। किसी ने उसके नाम से फेसबुक पर एक अन्य एकाउंट बनाया। ठगों द्वारा प्रोफाइल फोटो भी उसकी ही लगाई गई। इसके बाद ठगों द्वारा फर्जी फेसबुक आईडी से उसके दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भी भेजी गई। जिसे उसके अधिकतर दोस्तों ने स्वीकार कर लिया। उसके बाद ठगों ने नई फेक आईडी से उसके दोस्तों को मैसेज कर पैसों की डिमांड की। दिनेश के अनुसार ठगों द्वारा मजबूरी बताकर उसके दोस्तों को झांसे में लिया गया। दिनेश ने बताया कि उसके कुछ दोस्त साइबर ठगों के झांसे में आ गए और सहायता करने के लिए उपलब्ध कराए गूगल-पे एकाउंट में तकरीबन 28 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब दिनेश को पता चला तो उसने अपनी असली फेसबुक आईडी से अपने दोस्तों को सावधान किया और बताया कि साइबर ठगों द्वारा उसके नाम से फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाकर धोखाधड़ी की जा रही है। इसके साथ-साथ पीड़ित ने इसकी शिकायत पिंजौर पुलिस को भी दी है।
सावधानी बरतें: आजकल साइबर ठगों द्वारा ठगी के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। लोग इनके झांसों में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। फोन पर किसी को अपने बैंक और एटीएम से संबधित जानकारी साझा न करें। इसके अलावा विश्वसनीय इंटरनेट साइट के अलावा और व्हाट्स-एप, मेल आदि पर भेजे लिंक पर क्लिक न करें। अगर गिफ्ट आदि जीतने के एवज में पैसे मांगे जा रहे हैं तो निसंदेह आप ठगी का शिकार हो रहे हैं।