चंडीगढ़। जेपी गारबेज प्लांट में रविवार शाम लगभग साढ़े चार बजे भीषण आग लग गई। आग लगते ही प्लांट में अफरातफरी मच गई। गार्ड ने आग की लपटें उठती देखीं तो तत्काल फायर ब्रिगेड विभाग को फोन किया। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाना शुरू कर दिया। तब तक प्लांट में काम कर रहे कर्मचारियों की सांस सांसत में फंसी रही। प्लांट के मैनेजर जेपी वोहरा के मुताबिक अंदर प्रोसेस का काम चल रहा था। सूचना मिलते ही मेयर राजेश कालिया और एडिशनल कमिश्नर अनिल कुमार गर्ग भी मौके पर पहुंच गए। वहीं, आग के बाद उठने वाला जहरीला धुआं पंजाब यूनिवर्सिटी तक पहुंच गया। इससे लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रोज की तरफ रविवार को जेपी गारबेज प्लांट में कर्मचारी काम कर रहे थे। छुट्टी का दिन होने के कारण कर्मचारी कम थे। अचानक गार्ड ने देखा कि प्लांट में से धुआं निकल रहा है। वह दौड़कर नजदीक पहुंचा तो देखा कि भीषण आग लगी हुई थी। उसने तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को फोन किया। उसके बाद उसने प्लांट के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही मौके पर सभी अधिकारी पहुंचे। सूखे कचरे और प्लास्टिक में आग लगने और गर्मी का मौसम होने कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था। फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
देर रात तक सुलगता रहा कचरा
शाम लगभग 6 बजे तक फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग तो बुझा ली, लेकिन कचरा अंदर ही अंदर सुलगता रहा। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने दो गाड़ियां वहीं छोड़ने का निर्णय लिया। जेपी प्लांट के मैनेजर जेपी वोहरा खुद आग से निपटने के लिए देर रात तक लगे रहे। उनका कहना था कि डर है कि कहीं आग फिर से न भड़क जाए, इसलिए पूरी तरह आग बुझने तक यहां से नहीं जा सकते।
धुएं का गुबार उठते ही इकट्ठे हो गए लोग
आग इतनी भीषण थी कि धुएं का गुबार चारों ओर फैलने लगा। इतना धुआं उठता देख डड्डूमाजरा और आसपास के क्षेत्र के लोग भी दौड़कर प्लांट में पहुंच गए। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ मौजूद हो गई। लोगों को डर था कि कहीं डंपिंग ग्राउंड में आग लग गई तो जीना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि प्लांट से उठने वाला जहरीला धुआं यूनिवर्सिटी और शहर की ओर बढ़ गया। इसके बाद यूनिवर्सिटी सहित डड्डूमाजरा के लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आखिर प्लांट में क्यों नहीं रखी जाती फायर ब्रिगेड की गाड़ी
क्षेत्र के लोगों की मानें तो दो साल में 12 से अधिक बार गारबेज प्लांट और डंपिंग ग्राउंड में आग लग चुकी है। लगभग हर साल गर्मियों में आग लगने की समस्या बनी रहती है, लेकिन बड़ा सवाल है कि यहां कोई स्थायी फायर ब्रिगेड गाड़ी की व्यवस्था क्यों नहीं की गई है। छुट्टी का दिन होने से कर्मचारी कम थे, लेकिन अन्य दिनों में लगभग 100 से ज्यादा कर्मचारी यहां काम करते हैं। ऐसे में उनकी जान से जेपी ग्रुप और नगर निगम क्यों खिलवाड़ कर रहा है।
कोट
आग लगने की सूचना जैसे ही मिली, प्लांट की तरफ आ गया। यहां आकर जानकारी मिली कि कोई हताहत नहीं है, सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने भी तत्परता से आग पर काबू पा लिया।
- राजेश कालिया, मेयर