सभी केंद्रों के ध्यानार्थ
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(फोटो सहित)
सैन्य सम्मान के साथ स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ का अंतिम संस्कार
स्क्वाड्रन लीडर पत्नी ने वायुसेना की यूनिफार्म में दी पति को सलामी
बडगाम जिले में वायुसेना का हेलिकॉप्टर एमआई 17 हुआ था क्रैश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जम्मू-कश्मीर के बडगाम में एयरफोर्स के एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हुए चंडीगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ वशिष्ठ (31) का शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में शहीद सिद्धार्थ को उनके पिता जगदीश वशिष्ठ ने मुखाग्नि दी।
इस मौके पर सिद्धार्थ की पत्नी स्क्वाड्रन लीडर आरती भी मौजूद रहीं। आरती वायुसेना की यूनिफार्म में अपने पति को अंतिम विदाई देने पहुंचीं। शहीद सिद्धार्थ के अंतिम संस्कार में हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। वायुसेना की ओर से स्क्वाड्रन लीडर शहीद सिद्धार्थ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पूरा श्मशान घाट भारत माता की जय और सिद्धार्थ अमर रहे के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर पाकिस्तान मुर्दाबाद जैसे नारे भी लगाए गए।
अंतिम विदाई के दौरान पिता भी नहीं रोक पाए आंसू
शहीद की अंतिम विदाई पर सभी रो रहे थे। पिता ने खुद को संभालने की काफी कोशिश की, लेकिन एकलौते बेटे को इस हालत में देख वह खुद को रोक नहीं पाए और फूट-फूट कर रोने लगे। परिवार के सदस्य यही बोलते रहे कि बन्नी को अब हम नहीं देख पाएंगे। बहनें अपने लाडले भाई को गले लगाने के लिए तरसती नजर आईं और वे उसके ताबूत से ही लिपटकर जोर-जोर से रोने लगीं। इस दर्द भरे पलों में बन्नी के दोस्त, पड़ोसियों का भी रो रोकर बुरा हाल था।
सांसद, डीसी समेत मेयर भी अंतिम यात्रा में पहुंचे
शहीद सिद्धार्थ के अंतिम संस्कार में शहर की सांसद किरण खेर, डीसी मनदीप बराड़, मेयर राजेश कालिया, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सतपाल जैन, पूर्व मेयर देवेश मोदगिल, अविनाश शर्मा व अन्य मौजूद रहे। शहीद की ऐसी विदाई देख सभी की आंखें नम थीं।