बोनस में फिर मिल सकती हैं 20 फीसदी उपस्थिति
- पीयू प्रशासन रद्द प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने के मूड में
- सिंडिकेट के विरोध के बाद गिर गया था यह प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पीयू सिंडिकेट में बोनस में दी अटेंडेंस के गिरे प्रस्ताव पर फिर विचार किया जा सकता है। इसके लिए पीयू प्रशासन मन बना रहा है ताकि स्टूडेंट्स के विरोध प्रदर्शन को कम किया जा सके। वीरवार को इसे लेकर बैठक भी हो सकती है।
कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं के दबाव में आकर पीयू प्रशासन ने बैठक कर उन छात्रों को अटेंडेंस में राहत प्रदान की थी, जो सालाना गतिविधियों में हिस्सा लेते थे। साथ ही विभागीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट्स को भी दस फीसद की रियायत दी गई थी। आंदोलनकारी स्टूडेंट्स भी यही मांग कर रहे थे कि सालाना हाजिरी 75 फीसदी से कम करके 50 फीसदी की जाए और पीयू प्रशासन ने यह अटेंडेंस 55 फीसदी कर दी थी। इसे लेकर सिंडिकेट में विरोध हुआ और प्रस्ताव गिर गया। सूत्रों का कहना है कि अब फिर से सिंडिकेट के सदस्यों को विश्वास में लाकर यह प्रस्ताव लाया जा सकता है।
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रीडिंग रूम के नहीं खुले ताले
स्टूडेंट्स की मांग थी कि गुरु तेग बहादुर हाल रीडिंग रूम खोला जाए, लेकिन उद्घाटन के बाद शुरू ही नहीं हो सका। स्टूडेंट्स हर दिन यहां आते हैं और चले जाते हैं। पीयू प्रशासन को स्टूडेेंट्स ने मांग पत्र भी सौंपा, लेकिन इस पर कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई। अब छात्र फिर से आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।