छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी वकील को मिली जमानत
सेक्टर-3 थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद किया गया था अदालत में पेश
गिरफ्तारी के 24 घंटे के अंदर ही मिली जमानत
आरोपी की पैरवी के लिए पहुंचे काफी वकील
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एग्जाम देने जा रही 19 वर्षीय छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार पंचकूला जिला अदालत में प्रैक्टिस कर रहे एडवोकेट सतीश मोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर वीरवार को जिला अदालत में पेश किया। उसकी पैरवी के लिए चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन के प्रधान समेत सभी पदाधिकारी पहुंचे। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की। वहीं आरोपी की पैरवी के लिए पहुंचे वकीलों ने उसकी जमानत के लिए याचिका दायर कर दी। अदालत ने भी मौके पर ही पुलिस द्वारा जवाब दाखिल करने के बाद आरोपी को जमानत के आदेश दे दिए। हालांकि आमतौर पर ऐसे केसों में आरोपी को अदालत से कई महीनों तक जमानत नहीं मिल पाती है।
बुधवार को सेक्टर-3 थाना पुलिस ने सेक्टर-17ई की पुलिस कालोनी निवासी एडवोकेट सतीश मौर (35 साल) को युवती के यौन शोषण मामले में गिरफ्तार किया था। थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354ए (2) और 354 के तहत केस दर्ज किया था। वीरवार को पुलिस ने आरोपी को जिला अदालत में पेश कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की।
आरोपी की पैरवी करने पहुंचे वकीलों ने जमानत याचिका में कहा गया था कि घटनास्थल में उनकी कार पीड़िता के वाहन से लग गई थी। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। पीड़िता ने अपना बचाव करते हुए उसके खिलाफ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की शिकायत दे दी।
पीड़िता के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एडवोकेट ने उससे छेड़छाड़ की और उसे कार में बैठने के लिए कहा था। बाद में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी एडवोकेट की जमानत याचिका मंजूर कर दी।
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यह है मामला
19 साल की युवती ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि बुधवार को उसका एग्जाम था। वह कालेज जा रही थी। जैसे ही वह सेक्टर-10/16 की डिवाइिडंग रोड पर पहुंची तो सेक्टर-10 की स्लिप रोड पर एक कार खड़ी थी, जिसमें एक व्यक्ति बैठा हुआ था। वह जैसे ही वहां से गुजरी तो व्यक्ति ने उसे रोक लिया और सेक्टर-17 का रास्ता पूछने लगा। जैसे ही वह जवाब देने लगी तो व्यक्ति ने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी और उसे गाड़ी में बैठने को कहा। पीड़ित घबरा गई और उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दे दी। यह देख आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पीड़िता ने आरोपी की कार के नंबर की फोटो खींच ली थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी एडवोकेट का पता निकलवाकर उसे गिरफ्तार किया था।