शह न दें, बाज आएं, शरीफ बन कर रहें
पाकिस्तान से कह रहा है शहबाज शरीफ का पैतृक गांव
अमृतसर। शह न दे, बाज आए और शरीफ बनें। यह नसीहत दे रहे हैं तरनतारन जिले के गांव जाति उमरा के लोग पाकिस्तान के हिस्से के पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ को। उनके भाई नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने के बाद जाति उमरा चाहता है कि अगले पीएम शहबाज शरीफ हों। गांव के लोग जिस दिन शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बन जाएंगे, गांव के लोग उस दिन गुरुद्वारे में श्री अखंडपाठ रखवा कर लंगर लगाएंगे।
जाति उमरा गांव भारत-पाक दोनों के लिए खास है। भारत-पाक में हर कदमों पर इस गांव की नजर रहती है। यह गांव है पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पूर्वजों का। गांव के कुछ युवा नवाज शरीफ की खाड़ी देशों में फैक्टरियों में काम करते हैं। जाति उमरा के बलबीर सिंह बताते हैं कि 2013 में शहबाज शरीफ गांव आए थे, उस समय बादल सरकार थी। रातों-रात सड़कें बन गईं। नवाज शरीफ के दादा मोहम्मद बख्श की कब्र यहीं पर है, जहां नमन करने भी शहबाज शरीफ गए थे।
गांव के सरपंच दलबीर सिंह कहते हैं कि हमें खुशी है कि पाक की कमान हमारे गांव के उस परिवार के हाथों में है जो पाकिस्तान में रह रहा है। शरीफ परिवार का जाति उमरा से गहरा नाता रहा है। जब नवाज शरीफ ने गद्दी संभाली थी, तब भी गांव में लड्डू बांटे गए थे। इस बार भी शहबाज शरीफ जब प्रधानमंत्री की शपथ लेंगे तो गांव के गुरुद्वारे में श्री अखंड पाठ होगा और लंगर लगाया जाएगा।
पैतृक घर के गुरुद्वारे में हुई अरदास
शहबाज शरीफ के पैतृक गांव जाति उमरा में जिस घर में उनके पूर्वज रहते थे, वहां पर गुरुद्वारा है। यहां शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनाए जाने की अरदास की गई। गांव के लोग चाहते हैं कि पाकिस्तान की कमान शरीफ परिवार के हाथों में ही रहे।