एफएसएल की रिपोर्ट पर एजी से मांगी कानूनी राय
- छह जून को पहुंच चुकी 1152 जेबीटी की जांच रिपोर्ट
- शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व सीएम के ओएसडी से मिले पात्र अध्यापक संघ के पदाधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा के 1320 नवचयनित जेबीटी में से 1152 को नियुक्ति देने के लिए सरकार ने महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन से कानूनी राय मांगी है। एफएसएल मधुबन की जांच रिपोर्ट सरकार के पास छह जून को आ चुकी है। न सही, न गलत और पेंडिंग केस वाले जेबीटी की रिपोर्ट समायोजित कर स्कूल शिक्षा विभाग ने जांच भी ली है।
सूत्रों के अनुसार, इसमें से लगभग सभी जेबीटी के हस्ताक्षर सही पाए गए हैं। इन्हें नियुक्ति देने के लिए सरकार ने फाइल महाधिवक्ता को भेजी हुई है। बताया जा रहा है कि बुधवार तक इस पर कानूनी राय आ जाएगी। शुक्रवार को यहां इन जेबीटी की नियुक्ति को लेकर पात्र अध्यापक संघ के पदाधिकारी राज्य प्रधान राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास और सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से मिला।
शिक्षा मंत्री और सीएम के ओएसडी ने पात्र अध्यापक संघ को आश्वस्त किया कि जून के अंत तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री प्रदेश से बाहर हैं और लो मेरिट व एफएसएल रिपोर्ट संबंधी मामले में बातचीत करने के लिए उनसे समय मांगा गया है। 27-28 जून को उनके लौटने पर मुलाकात की जाएगी।
बता दें कि 2014 में जारी पहली लिस्ट में शामिल 787 जेबीटी में से 317 की रिपोर्ट लेबोरेट्री से न गलत, न सही दी गई है, जबकि 470 जेबीटी के हस्ताक्षरों की जांच ही नहीं हुई थी, जिसे भी पूरा कर लेबोरेट्री ने सरकार को भेज दिया है। 2013 के हरियाणा पात्रता परीक्षा पास अध्यापकों की जारी दूसरी सूची में शामिल 168 जेबीटी की जांच अभी लंबित है। इसमें से 100 जेबीटी के हस्ताक्षरों के नमूने मधुबन जांच लेबोरेट्री दोबारा लेगी और 68 की जांच रिपोर्ट लेबोरेट्री की एक महिला अधिकारी की अलमारी में बंद है।