एक रुपये में पीजीआई को जमीन मिली, मगर 13 साल बाद भी लोगों को सुविधा नहीं
गोविंद परवाना
मनीमाजरा।
निगम ने 13 साल पहले पीजीआई को इंदिरा कॉलोनी में अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए मात्र एक रुपये में एक एकड़ जगह दी थी, मगर अब तक बिल्डिंग बनकर तैयार नहीं हो पाई है। साल 2014 में पीजीआई ने गेट लगाकर जमीन को कवर किया था। मगर उसके बाद पीजीआई प्रशासन ने पलटकर देखा तक नहीं। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। यहां अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर बनने से मनीमाजरा और आसपास के लोगों को सुविधा मिलनी थी। सुभाष नगर की वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अमित शर्मा ने आरटीआई डाल पीजीआई से पूछा है कि आखिर वह अर्बन हेल्थ सेंटर को बनाने में देरी क्यों कर रहे हैं?
किसी और कार्य के लिए जगह का इस्तेमाल कर सकता है निगम
निगम के पूर्व मेयर सुरेंद्र सिंह ने पीजीआई और निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है। उनका कहना कि उन्होंने मेयर से पहले 2004 में डिप्टी मेयर रहते हुए हाउस की मीटिंग को एजेंडा पास करके पीजीआई को इंदिरा कॉलोनी में अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए एक रुपये में एक एकड़ जगह अलॉट की थी। सुरेंद्र सिंह का कहना कि उसके बाद 2014 तक न तो पीजीआई ने इस जगह को लेने के बारे में कोई कदम नहीं उठाया। किसी तरह 2014 में तत्कालीन मेयर हरफूल चंद कल्याण और पीजीआई के डायरेक्टर योगेश चावला ने आकर सेंटर की जगह को कवर करवाया तो यह जगह सिर्फ एक कनाल ही रह गई। सुरेंद्र सिंह का कहना है कि अगर पीजीआई ने अब भी कोई कदम नहीं उठाया तो यह जगह भी निगम किसी और कार्य के लिए इस्तेमाल कर सकता है।
पीजीआई का लोड कम होना था
सुभाष नगर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अमित शर्मा का कहना कि इस अर्बन हेल्थ सेंटर बनने से यहां केडायग्नेस्टिक सेंटर में पीजीआई लेवल के सभी टेस्ट हो जाने थे। इससे एक तो पीजीआई का लोड कम होना था और दूसरा यहां के लोगों को सुविधा भी यहां मिलनी शुरू हो जानी थी। वैसे अभी इंदिरा कॉलोनी के अंदर बने आंगनवाड़ी सेंटर में पीजीआई की डिस्पेंसरी चल रही है, जिसमें रोजाना पीजीआई का एक डॉक्टर आता है।
अर्बन हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण न होने से लोगों में रोष