अमर उजाला
भारत भाग्य विधाता
जागरूक बनें...वोट करें
घर के साथ साथ देश की भी जिम्मेदारी उठाएं..मतदान में भागीदारी बढ़ाएं
शहर की महिलाओं ने चुनावी शंखनाद के साथ मतदान प्रतिशत बढ़ाने का लिया संकल्प
भारत भाग्य विधाता अभियान को पूरे शहर में फैलाएंगी, खुद भी करेंगी जागरूक
रूबी सिंह
चंडीगढ़। चुनावी शंखनाद हो चुका है। राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। एक दूसरे को मात देने की कूटनीतियां रची जा रही हैं। इनके अलहदा कुछ और नागरिकों ने अपनी कमर कसी है। ये नागरिक लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए कैंपेन करेंगे। ट्राइसिटी में मतदान के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए चंडीगढ़ की लेडी ब्रिगेड तैयार है। रंगमंच जगत से जुड़ीं रानी बलबीर कौर हों या एसएसपी निलांबरी जगदले। पर्यावरण एक्टिविस्ट पवीला हों या पंजाबी संगीत की शान डॉली गुलेरिया, या फिर ट्यूजडे लेडीज क्लब की अध्यक्ष वल्ली एनबी सिंह। अमर उजाला के भारत भाग्य विधाता अभियान से जुड़कर इन्होंने मतदान प्रतिशत बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। खास बात यह है कि अपने अपने क्षेत्र की माहिर ये हस्तियां राजनीति पर पैनी नजर रखती हैं।
हां उठा जल्द उठा पा ए मुकद्दर से जबीं..
तुम में शोले भी हैं बस अश्कफिशानी ही नहीं
तू हकीकत भी है दिलचस्प कहानी ही नहीं
तेरी हस्ती भी है इक चीज जवानी ही नहीं
अपनी तारीख का उनवान बदलना है तुझे
उठ मेरी जान। मेरे साथ ही चलना है तुझे
मशहूर शायर कैफी आजमी की इन खूबसूरत पंक्ति सालों पहले ही एक औरत की ताकत को साहित्य से बयां कर दिया था। आज उनकी नज्म के साथ सिटी की मशहूर रंगमंच निर्देशिका एवं नेशनल अवार्ड प्राप्त रानी बलबीर कौर ने
हमेशा मतदान में हिस्सा लिया, लाइनों में लगकर करती थी वोट: निलांबरी जगदले
वोटिंग हमारा अधिकार है। लोकतंत्र की यही खूबसूरती है कि हम वोट से अपने साथ भारत का भाग्य भी बनाते हैं। इसलिए बहुत सोच समझकर, प्रत्याशी को परखकर ही वोट करना चाहिए। देश और अपने लिए जो सही हो, उसी को चुनना चाहिए। मैं खुद वोटिंग के लिए हमेशा उत्साहित रहती थी। पहली बार वोट डालते समय मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। कॉलेज टाइम में लंबी लाइन में लगकर वोट करती थी। वह अलग तरह का अनुभव था। मेरी ड्यूटी ऐसी है कि पोस्टिंग बदलती रहती है। लेकिन मतदान में हमेशा हिस्सा लिया। इस बार भी पोस्टल से वोट अपने गृहनगर भेजूंगी। मेरा मानना है कि महिलाओं को अधिक से अधिक राजनीति में दखल देना चाहिए और मतदान में बढ़चढ़कर शामिल होना चाहिए। अमर उजाला का यह अभियान निश्चित रूप से जिम्मेदार पत्रकारिता के रूप को दर्शाता है। इससे जुड़कर खुशी हो रही है।
निलांबरी जगदाले, एसएसपी चंडीगढ़
महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में वोट देना चाहिए: पवीला वाली
लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक लोगों का मतदान करना आवश्यक होता है। इसमें महिलाओं की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। समाज की पढ़ी लिखी महिलाओं को यह जिम्मेदारी उठानी चाहिए कि वह अशिक्षित और कम पढ़ी महिलाओं को मतदान के लिए जागरूक करें। उन्हें इसका महत्व बताएं। अपने आसपास रहने वाली महिलाओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने से वोटिंग परसेंटेज में इजाफा होगा। चुनावी जुमलों में फंसने के बजाय देश और समाज से जुड़े असली मुद्दों को ध्यान में रखकर प्रत्याशी को चुनें। मैं अपनी सहेलियों के साथ हमेशा चुनावी चर्चा करती हूं। विकास, रोजगार, महंगाई आदि मुद्दों का समाधान करने वाले प्रत्याशी को ही चुनकर भेजना चाहिए। मेरा मानना है कि राजनीति में महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा भाग लेना चाहिए। महिलाएं खुद भी जागरूक बनें और अपने अधिकारों के लिए लड़ें। पवीला वाली, पर्यावरण एक्टिविस्ट सेक्टर- 19 निवासी
पुरुषों से पूछकर नहीं, खुद फैसला लेकर करें वोट: रानी बलबीर कौर
वह जमाना लद गया जब महिलाएं दूसरों की सलाह से अपने फैसले लेती थीं। आज महिलाएं आत्मनिर्भर हैं। अपना भला बुरा खुद सोच सकती हैं। उनमें अपने फैसले लेने की पूरी क्षमता है। यही बात राजनीति में भी लागू होती है। महिलाएं पहले के मुकाबले अब ज्यादा जागरूक हो रही हैं। हालांकि हमें इस अभियान को और आगे ले जाना है। भारत भाग्य विधाता अभियान यह दर्शाता है कि एक एक वोट कितना कीमती है। हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि समय निकालें और महिलाओं को वोटिंग के लिए प्रोत्साहित करें। महिलाएं जितनी ज्यादा मतदान में हिस्सा लेंगी, उतना ही उनका मनोबल बढ़ेगा। एक बात और मैं महिलाओं से कहना चाहूंगी कि यह जरूरी नहीं कि जहां आपके परिवार के पुरुष वोट डाल रहे हैं, आप भी उसी प्रत्याशी को वोट दें। आप खुद सोचें, समझें और इसके बाद वोट करें। लेकिन वोट करें अवश्य। -रानी बलबीर कौर, मशहूर रंगमंच निर्देशिका एवं नेशनल अवार्ड प्राप्त
चूल्हे चौके के साथ राजनीति पर भी पैनी निगाह रखें महिलाएं: डॉली गुलेरिया
मतदान प्रतिशत को बढ़ाने के लिए सभी को संकल्पित होना चाहिए। यह सबकी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है। हमें राजनेताओं के भरोसे देश को नहीं छोड़ देना चाहिए। मैं महिलाओं से कहन चाहूंगी कि चूल्हे चौके के साथ राजनीति पर भी पैनी निगाह रखें। देश व शहर के लिए कौन सा प्रत्याशी सही है, उसी का चुनाव करना चाहिए। नेताओं के झूठे वादों में फंसने के बजाय अपना दिमाग लगाएं। यदि कोई भी प्रत्याशी आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है तो आप नोटा का इस्तेमाल करें लेकिन मतदान में हिस्सा जरूर लें। मैं खुद अपनी सोसायटी और परिचितों में भारत भाग्य विधाता कैंपेन का हिस्सा बनकर जागरूकता फैलाऊंगी। -डॉली गुलेरिया, मशहूर पंजाबी गायिका
प्रत्याशी को परखकर ही करती हूं वोट..आप भी ऐसा ही करें : जयश्री
बड़ी चिंता की बात है कि महिलाएं वोटिंग के लिए इतनी जागरूक नहीं हैं। वो इसे एक औपचारिकता समझती हैं। जबकि वास्तव में उनकी यही सोच उनके लिए घातक है। मैं ऐसी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि जिस तरह घर को चलाना हमारी जिम्मेदारी है, वैसे ही देश को चलाना भी हमारी ही जिम्मेदारी है। देश को किसके हाथों में सौंपना सही होगा, इस फैसले में हमारी भागीदारी बढ़ चढ़कर होनी चाहिए। यही बात शहर पर भी लागू होती है। कौन सांसद हमारी समस्याएं सुनता है, दूर करता है, इन तमाम बातों को ध्यान में रखकर वोट करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि मतदान वाले दिन आपके आसपड़ोस की कोई भी महिला बिना वोट किए न रह जाए। मैं खुद इसका ध्यान रखती हूं। भारत भाग्य विधाता मतदाता जागरूकता अभियान के अवश्य ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। -जयश्री शर्मा, थर्सडे लेडीज क्लब, समाज सेवी, सेक्टर-3 निवासी
वोट दूंगी और सभी को अवेयर भी करूंगी: वल्ली एनबी सिंह
अमर उजाला का भारत भाग्य विधाता अभियान शानदार है। इसके सुखद परिणाम आएंगे। मैं खुद वोटिंग में हिस्सा लेती हूं। दूसरों को इसके लिए जागरूक भी करती हूं। अपने क्लब की सभी महिलाओं को यह संकल्प दिलाऊंगी कि मतदान के दिन अधिक से अधिक महिलाओं को वोटिंग के लिए लेकर जाएं। इसके अलावा क्लब में विशेष टॉक शो भी रखूंगी। -वल्ली एनबी सिंह, अध्यक्ष, ट्यूजडे लेडीज सेक्टर-9