फर्जी मतदान की शिकायत झूठी निकली तो हो सकती है जेल..वोट भी निरस्त होगा
ईवीएम मशीम में गड़बड़ी होने के आरोपों के बीच आयोग ने उठाया कड़ा कदम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
चुनावों में फर्जी मतदान और ईवीएम मशीन पर लगने वाले गड़बड़ी के आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग ने बड़ा निर्णय लिया है। आगामी लोकसभा चुनाव में ईवीएम मशीन के साथ वीवीपैट मशीन को अटैच कर दिया गया है। उससे शिकायत होने पर तत्काल वोट का सत्यापन किया जा सकेगा। बावजूद इसके मशीन में गड़बड़ी होने या वोट दूसरे प्रत्याशी के डाले जाने की शिकायत के आरोप फर्जी पाए गए तो शिकायतकर्ता की वोट को निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यदि पीठासीन अधिकारी को शिकायतकर्ता की मंशा गलत लगी तो उसे झूठी शिकायत करने के मामले में आरोपित किया जा सकता है। इसमें जेल व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान है। वहीं यदि शिकायत सही मिली तो मतदान बंद करके निर्वाचन अधिकारी को सूचित किया जाएगा। इसके बाद आयोग द्वारा अगली कार्रवाई की जाएगी।
चुनावों में कई जगह खासकर गैर सत्ताधारी पार्टी या अन्य लोग मतदान के दौरान ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी बताते हुए वोट सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में डलने का की शिकायत करते हैं। इसको लेकर निर्वाचन आयोग ने कुछ साल से गंभीरता दिखा रहा है और इसका समाधान वीवीपैट मशीन के माध्यम से निकाला है। यह मशीन ईवीएम के साथ अटैच की जाएगी।
मुख्य संयुक्त निर्वाचन अधिकारी आईएएस अर्जुन शर्मा ने बताया कि अब कोई भी मतदाता मतदान करने के बाद अपना मत देख सकेगा कि उसका वोट सही डला है या अन्य प्रत्याशी के खाने में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद कोई भी मतदाता मशीन में गड़बड़ी होने या फिर वोट अन्य को डल जाने की शिकायत करता है तो पहले तो शिकायतकर्ता को समझाया जाएगा। इसके बावजूद संतुष्ट नहीं होने पर उससे एफिडेविट भरवाकर उसे पीठासीन अधिकारी, पोलिंग अधिकारी समेत अन्य अधिकारी पोलिंग एजेंट की मौजूदगी में टेस्ट वोटिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उसमें शिकायत सही पाई गई तो मतदान रोककर जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचित किया जाएगा। वही शिकायत झूठी पाई गई तो शिकायतकर्ता का वोट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही अगर पीठासीन अधिकारी को लगा कि शिकायतकर्ता गलत तरीके से परेशान कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है।
वीवीपैट मशीन ऐसे करेगी काम
वीवीपैट मशीन (वेरिफाई पेपर ऑडिट ट्रेल) स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली के रुप में काम में ली जाएगी। इस मशीन पर वोट देते ही मतदाता को उसके द्वारा दिया गया वोट किस प्रत्याशी का दिया है,उसका नाम व चुनाव चिन्ह मशीन की स्क्रीन पर नजर जाएगा। इससे मतदाता संतुष्ट हो सकेगा। वहीं आवश्यकता पड़ने पर संग्रहित इलेक्ट्रोनिक परिणामों का ऑडिट करने की सुविधा मिल सकेगी। वीवीपैट मशीन से पूरी पारदर्शिता रहती है। इसमें वोट देते ही वीवीपैट मशीन की स्क्रीन पर सात सेकंड तक यह प्रदिर्शत होता है कि वोट किस प्रत्याशी को पड़ा है।