जीएमसीएच 32 में एमबीबीएस की 150 सीट के लिए इंफ्रस्ट्रक्चर नहीं
नौ सदस्यीय मेंबर की कमेटी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
असिस्टेंट प्रोफेसर और बेड की संख्या में भारी कमी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सेक्टर 32 मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की 100 से 150 सीटें करने में कई अड़चनें सामने आई हैं। प्रोफेसर और डाक्टरों की गठित नौ सदस्यों की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 150 सीटों के लिए न तो मेडिकल कालेज में इंफ्रस्ट्रक्चर मौजूद है और न ही मैन पावर है। कमेटी ने पाया है कि 150 सीटों के मुताबिक मेडिकल कालेज के पांच डिपार्टमेंट में बेड, यूनिट और प्रोफेसरों की संख्या में भारी कमी है। जनरल मेडिसिन में 36 बेड, एक यूनिट और पांच असिस्टेंट प्रोफेसर, पीडियाट्रिक्स में 20 बेड, एक यूनिट और एक असिस्टेंट प्रोफेसर, जनरल सर्जरी में 35 बेड, एक यूनिट और तीन असिस्टेंट प्रोफेसर, आरथोपीडिक्स आठ बेड और एक असिस्टेंट प्रोफेसर, पैथोलाजी में एक असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी है। इसी तरह से नर्सिंग स्टाफ में डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पांच और असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट में पांच पोस्टों की कमी है। इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्थाओं की बात की जाए तो 200 सीटों का लेक्चर थियेटर, 250 सीटो का एग्जामिनेशन हाल, हास्टल नहीं है, 408 जूनियर व सीनियर रेजिडेंट की कमी, इंटर्न हास्टल के लिए 75 की कमी है। ऐसे में एमबीबीएस की 100 से 150 सीट करना मुश्किल होगा। चरचा यह भी है कि एमबीबीएस की 100 सीटों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है। इस बारे में जब डायरेक्टर प्रिंसिपल बीएस चवन से बात की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।