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ठगी की आरोपी डायरेक्टर की जमानत याचिका खारिज

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इमिग्रेशन कंपनी की डायरेक्टर को झटका
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- 20 करोड़ की ठगी में पति-पत्नी दोनों हैं गिरफ्तार
- पति की जमानत याचिका भी पहले ही हो चुकी है खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
विदेश भेजने के नाम पर करीब 20 करोड़ की ठगी में गिरफ्तार सेक्टर-8सी स्थित फॉरेन हॉरिजन कंसल्टेंट की डायरेक्टर तनीशा अस्थ की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी। इससे पहले आरोपी के पति और कंपनी के मालिक अरविंद अस्थ की जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने आरोपी दंपति को 28 अप्रैल को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले तनीशा की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया था कि उसका इस केस से कोई लेना-देना नहीं है। उसका नाम न तो एफआईआर में था और न ही पुलिस की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर स्टेटस रिपोर्ट में। तनीशा की ओर से कहा गया था कि वह कंपनी में साइनिंग अथॉरिटी ही नहीं है तो वह कैसे ठगी कर सकती है। इसके अलावा उसने जमानत याचिका के लिए खुद के दिव्यांग होने की भी दलील दी थी।
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याचिका पर पुलिस की ओर से दायर जवाब में कहा गया था कि केस की जांच अभी चल रही है। ऐसे में अगर आरोपी को जमानत दी गई तो वह जांच और सबूतों को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा वह बेल भी जंप कर सकती है। पुलिस के जवाब के बाद अदालत ने आरोपी डायरेक्टर की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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यह है मामला
धोखाधड़ी का खुलासा 31 मार्च 2017 को हुआ था। आरोपियों के खिलाफ लुधियाना के गांव ढांडरा निवासी रूपिंदर सिंह से तकरीबन पांच लाख रुपये ठगने की शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि अगस्त 2016 में उसकी पत्नी को स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया जाना था। उन्होंने सेक्टर-8सी स्थित फॉरेन होरिजन कंसल्टेंट के मालिक अरविंद अस्थ, गुरप्रीत सिंह व जगत सिंह को 4 लाख 94 हजार रुपये दिए थे। यह सारी पेमेंट उन्होंने आरटीजीएस के जरिए दी थी, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी आरोपियों की ओर से उनकी पत्नी को न तो विदेश भेजा गया न ही उनके पैसे लौटाए। इसके बाद वह उनके सेक्टर-8 स्थित ऑफिस में पहुंचे। कंपनी की ओर से उन्हें एक चेक दिया गया, लेकिन जब उन्होंने चेक बैक में लगाया तो वह बाउंस हो गाया। आरोपियों ने पंजाब, हरियाणा व अन्य कई जगहों से वीजा लगवाने के लिए आने वाले लोगों के साथ फ्रॉड किया था। इस तरह पुलिस के पास करीब 373 शिकायतें पहुंची थीं। इसके बाद से आरोपी फरार हो गए थे। 28 अप्रैल को ही पुलिस ने दोनों को मोहाली से गिरफ्तार किया था।
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