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सीएम जिले में बाजार पूरी तरह से रहा बंद, कर्फ्यू जैसे रहे हालात
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शहर के चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस और पैरामिलटरी की फोर्स
प्रदशर्नकारियों ने ट्रैक पर लेटकर ट्रेनें रोकने की कोशिश की, रेलवे पुलिस ने हटाया
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
मुख्यमंत्री के शहर पटियाला में दलित संगठनों की ओर से दिए बंद के आह्वान का पूर्ण असर देखने को मिला। सोमवार सुबह से ही शहर के अंदरूनी व बाहरी इलाकों में बाजारों में सभी दुकानें बंद रहने के कारण कर्फ्यू जैसे हालात रहे। सारे बाजार सुनसान नजर आए। बंद दौरान सुबह करीब 9 बजे दलित समुदाय के लोगों ने रेलवे लाइन पर लेटकर रेलों को रोकने की कोशिश की, लेकिन तुरंत वहां रेलवे पुलिस पहुंच गई और प्रदर्शनकारियों को हटाया। वही बंद दौरान शहर में अलग-अलग जगहों पर दलित संगठनों ने मोदी सरकार के पुतले फूंक कर नारेबाजी की। मुख्य इलाकों बस स्टैंड, खंडा चौका, लाहौरी गेट, धीरू नगर, सूलर, गुरबख्श कालोनी, तफज्जलपुरा आदि इलाकों दलित संगठनों की ओर से रोष प्रदर्शन किया गया। दुकानदारों ने दुकानें खुल जाने के लिए कुछ देर तो इंतजार किया, लेकिन जब उनकी दलित संगठनों के आगे कुछ न चली, तो दुकानदार निराश होकर घर चले गए।

पीआरटीसी को डेढ़ करोड़ का नुकसान
बंद के कारण सोमवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) की बस सेवा पूरी तरह से ठप रही। बस स्टैंड पर पीआरटीसी की एक भी बस नजर नहीं आई। बंद कारण कारपोरेशन को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ।
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मोबाइल कंपनियों की इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं
बंद के चलके सारी मोबाइल कंपनियों ने अपनी इंटरनेट सेवाएं बंद रखीं। इस कारण खास करके फेसबुक, वाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया पर सरगर्म रहने वाले लोग मायूस नजर आए। वह इंटरनेट सेवाएं बहाल होने के इंतजार में थे। सरकार ने सुरक्षा कारणों के चलते यह कदम उठाया है। देर रात से इंटरनेट सेवाएं बहाल होने की संभावना है। सोमवार को स्कूल, कालेज व बस सेवाएं जहां बंद रहीं, वहीं सरकारी व निजी अस्पताल खुले रहे। लेकिन दहशत में लोग अस्पतालों में कम ही पहुंचे।
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